चुनाव आयोग के चैलेंज की जगह खुद 'आप' ही करेगी EVM हैकिंग का आयोजन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी ने शनिवार को ईवीएम हैकिंग को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया है। शनिवार को ही चुनाव आयोग ने ईवीएम हैक करने के लिए सभी पार्टियों को चैलेंज भी किया है। आम आदमी पार्टी ने इसके खिलाफ अपने ही कार्यक्रम की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग का यह आयोजन महज एक स्वांग है। ऐसे में ये हम पर आ गया है कि हम सही मायनों में हैकिंग करके दिखाएं।
आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिन परिस्थितियों में चुनाव आयोग ने यह चैलेंज पेश किया है, उन्हीं परिस्थितियों में आम आदमी पार्टी ईवीएम को हैक करके दिखाएगी। पार्टी ने इस आयोजन में सभी राजनीतिक पार्टियों और दुनियाभर के एक्सपर्ट को बुलाया है।
भारद्वाज ने बताया है कि इस कार्यक्रम में पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त नजीम जैदी को भी आमंत्रित किया है। बीते दिनों पांच राज्यों में हुए चुनाव के बाद ज्यादातर राजनीतिक पार्टियों ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया। जिसमें अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी सबसे ज्यादा आक्रामक नजर आई। पार्टी ने चुनाव आयोग के चैलेंज में नहीं शामिल होने का फैसला किया। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग के कई नियमों के तहत इस चैलेंज में भाग लेने की बात कही, जबकि हम चाहते हैं कि हमें ईवीएम को अपने तरीके से हैक करने दिया जाए।
केवल कांग्रेस और सीपीआई ही ले रही हिस्सा
आप का कहना है कि हैकिंग कार्यक्रम केवल यह साबित करेगा कि किसी मशीन के सिर्फ बटन को छूकर छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। चुनाव आयोग ने पार्टियों को ईवीएम की सत्यता जांचने के लिए बुलाया है। इन चैलेंज में आयोग ने किसी भी पार्टी सदस्य को कोई हार्डवेयर टूल लाने को मना किया है।
सदस्य केवल अपने साथ वायरलेस डिवाइस ही ला सकते हैं और ईवीएम की केवल बटन टच कर सकते हैं। चुनाव आयोग के इस चैलेंज में लेफ्ट पार्टी सीपीआई-एम और कांग्रेस ही भाग ले रही है। चुनाव आयोग ने 7 राष्ट्रीय पार्टी और 49 राज्य स्तर की पार्टियों को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुलाया है।