{"_id":"592cbab04f1c1b5163bdbed6","slug":"cpi-m-and-ncp-deny-evm-tampering-challenge","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईवीएम चैलेंज मैच से पहले ही चुनाव आयोग को मिला वाकओवर, एनसीपी-माकपा का इनकार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
ईवीएम चैलेंज मैच से पहले ही चुनाव आयोग को मिला वाकओवर, एनसीपी-माकपा का इनकार
धीरज कनोजिया/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 30 May 2017 06:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन में छेड़छाड़ के आरोपों को साबित करने के लिए चुनाव आयोग की चुनौती स्वीकारने वाली सिर्फ दो पार्टियों एनसीपी और माकपा ने मैच से पहले ही चुनाव आयोग को वॉक ओवर दे दिया है।
दोनों पार्टियों का कहना है कि वे ईवीएम को हैक करने के मकसद से ईवीएम चैलेंज में भाग लेने नहीं जा रही। वे सिर्फ इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के मकसद से इसमें भाग लेने जा रही है।
चुनाव आयोग ने तीन जून को सुबह दस बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक ईवीएम चैलेंज का आयोजन किया है। माकपा की ओर से चुनाव आयोग से संबंधित मामलों को देख रहे माकपा के पूर्व सांसद नीलोत्पल बसु ने अमर उजाला को कहा कि हमारी पार्टी के तीन तकनीकी विशेषज्ञ ईवीएम चैलेंज में जाएंगे।
विज्ञापन
मगर हम कोई चुनौती नहीं देने जा रहे। न ही ईवीएम में कोई टैंपरिंग करने जा रहे। हम ईवीएम की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझना चाहते हैं। हम चाहते है कि ईवीएम को लेकर जो शंकाये पैदा हुई हैं। वे दूरी हो।
दूसरी तरफ राकांपा सुप्रीमो शरद पवार ने एनसीपी की ओर से ईवीएम चैलेंज में भाग लेने के लिए पार्टी सांसद वंदना चव्हाण को अधिकृत किया है। वंदना चव्हाण ने अमर उजाला को कहा, ‘उनकी पार्टी ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ या हैकिंग के आरोपों को साबित करने नहीं जा रही।
वे सिर्फ आयोग की ओर दिए गए इस अवसर को सिर्फ अध्ययन के लिए इस्तेमाल करने जा रही है। उनकी पार्टी ईवीएम की कार्यप्रणाली का अध्ययन करना चाहती है। इसलिए उन्होंने ईवीएम चैलेंज में भाग लेने का फैसला किया है।’ उन्होंने कहा, ‘हम इस अवसर को शैक्षिक कसरत के तौर पर देखते है। हम छोटी पार्टी है।
अभी किसी दूसरे दल ने इसके लिए नाम नहीं दिया। हमने नाम ईवीएम को हैकिंग करने के लिए नहीं दिया। पुणे के स्थानीय चुनाव में हमने चुनाव प्रणाली में कुछ गड़बड़ियां देखी है। हम चाहते है कि ये विसंगितयां दूर हो। चुनाव आयोग की ओर से दिए चार घंटे में तो आसमान से उतर कर ब्रह्मदेव भी हैकिंग नहीं कर सकते।’
विज्ञापन
दोनों पार्टियों का कहना है कि वे ईवीएम को हैक करने के मकसद से ईवीएम चैलेंज में भाग लेने नहीं जा रही। वे सिर्फ इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन की कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के मकसद से इसमें भाग लेने जा रही है।
विज्ञापन
चुनाव आयोग ने तीन जून को सुबह दस बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक ईवीएम चैलेंज का आयोजन किया है। माकपा की ओर से चुनाव आयोग से संबंधित मामलों को देख रहे माकपा के पूर्व सांसद नीलोत्पल बसु ने अमर उजाला को कहा कि हमारी पार्टी के तीन तकनीकी विशेषज्ञ ईवीएम चैलेंज में जाएंगे।
विज्ञापन
मगर हम कोई चुनौती नहीं देने जा रहे। न ही ईवीएम में कोई टैंपरिंग करने जा रहे। हम ईवीएम की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझना चाहते हैं। हम चाहते है कि ईवीएम को लेकर जो शंकाये पैदा हुई हैं। वे दूरी हो।
दूसरी तरफ राकांपा सुप्रीमो शरद पवार ने एनसीपी की ओर से ईवीएम चैलेंज में भाग लेने के लिए पार्टी सांसद वंदना चव्हाण को अधिकृत किया है। वंदना चव्हाण ने अमर उजाला को कहा, ‘उनकी पार्टी ईवीएम मशीन में छेड़छाड़ या हैकिंग के आरोपों को साबित करने नहीं जा रही।
वे सिर्फ आयोग की ओर दिए गए इस अवसर को सिर्फ अध्ययन के लिए इस्तेमाल करने जा रही है। उनकी पार्टी ईवीएम की कार्यप्रणाली का अध्ययन करना चाहती है। इसलिए उन्होंने ईवीएम चैलेंज में भाग लेने का फैसला किया है।’ उन्होंने कहा, ‘हम इस अवसर को शैक्षिक कसरत के तौर पर देखते है। हम छोटी पार्टी है।
अभी किसी दूसरे दल ने इसके लिए नाम नहीं दिया। हमने नाम ईवीएम को हैकिंग करने के लिए नहीं दिया। पुणे के स्थानीय चुनाव में हमने चुनाव प्रणाली में कुछ गड़बड़ियां देखी है। हम चाहते है कि ये विसंगितयां दूर हो। चुनाव आयोग की ओर से दिए चार घंटे में तो आसमान से उतर कर ब्रह्मदेव भी हैकिंग नहीं कर सकते।’