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पूर्व सैनिकों के एक समूह ने लद्दाख पर राहुल गांधी के बयान को 'वांछनीय एवं निंदनीय' करार दिया

Thu, 11 Jun 2020 04:32 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rajeev Rai Updated Thu, 11 Jun 2020 04:32 PM IST
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A group of ex-servicemen termed Rahul Gandhi's statement on Ladakh as 'desirable and condemnable'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

भारत-चीन के बीच कई हफ्तों से चल रहा सीमा विवाद अभी पूरी तरह से नहीं सुलझा है और दोनों पक्षों के बीच सैन्य स्तर की कई दौर की बातचीत बाकी है। पूर्वी लद्दाख में चीनी सेना के भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की खबरों के बाद मामला बढ़ते देख दोनों सेनाओं ने आपसी बातचीत से इसे सुलझाने के संकेत दिए हैं, साथ ही दोनों देशों की सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से भी कुछ पीछे हटी है।

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हालांकि इन सबके बीच देश में आरोप-प्रत्यारोप और राजनीति का दौर भी जारी है। फिलहाल कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पीएम मोदी और सरकार की आलोचना करने और चीन द्वारा भारतीय इलाके को कब्जाने के आरोपों पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया दी है।

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इस मामले में सशस्त्र बलों के सेवानिवृत्त अधिकारियों के एक समूह ने लद्दाख सीमा विवाद से निपटने को लेकर राहुल गांधी द्वारा केंद्र सरकार की आलोचना किए जाने को ‘अवांछनीय एवं निंदनीय‘ करार दिया है। सेवानिवृत्त अधिकारियों ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान पर गांधी के, पूर्व में दिए गए बयानों को पाकिस्तान सरकार एवं सेना ने ‘इस्तेमाल किया और उनका समर्थन किया, जिससे राष्ट्र विरोधी ताकतों को बढ़ावा मिला।’

इन सेवानिवृत्त अधिकारियों में एयर वाइस मार्शल (सेवानिवृत्त) संजीब बोरदोलोई, एयर कमोडोर (सेवानिवृत्त) पी सी ग्रोवर और ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) दिनकर अदीब शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए सैन्य महत्ता के मामलों को इस तरह तोड़ना-मरोड़ना अत्यंत निंदनीय है। निस्संदेह, इस प्रकार के बयान हमेशा हमारे उन सशस्त्र बलों का मनोबल और अदम्य साहस कमजोर करते हैं, जिन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पेशेवर बल के रूप में जाना जाता है और जो आजादी के बाद से सक्रिय रहे हैं।’

उन्होंने 1962 में चीन के साथ हुए युद्ध का भी जिक्र किया और रेखांकित किया कि उस समय भारत का नेतृत्व जवाहरलाल नेहरू ने किया था। बयान में कहा गया है, ‘हम न केवल बिना तैयारी के मैदान में उतरे, बल्कि हमें चीन के हाथों बेहद शर्मनाक हार झेलनी पड़ी थी, जबकि हमारे जवान बहादुरी से लड़े थे और चीन के जवान बड़ी संख्या में मारे गए थे।’


उन्होंने कहा, ‘हम भारतीय और चीनी बलों के बीच लद्दाख में सीमा पर मौजूदा गतिरोध के संबंध में राहुल गांधी के हालिया अवांछनीय ट्वीट तथा बयानों से बहुत चिंतित हैं। हम ऐसे व्यक्ति के अवांछनीय एवं निंदनीय बयानों की निंदा करते हैं जिसे यह अंदाजा नहीं है कि हमारे जवान दुनिया के सबसे दुर्गम एवं प्रतिकूल क्षेत्र में कैसे काम करते हैं।’

गौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध को लेकर बुधवार को आरोप लगाया था कि चीन के सैनिक भारतीय सीमा में दाखिल हो गए लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खामोश हैं और कहीं नजर नहीं आ रहे हैं।

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