फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   40 families belonging from dalit community faced socially boycotted in Dhenkanal in Odisha

दलित समुदाय के 40 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार, ऊंची जाति के खेत से बच्ची ने तोड़ा था फूल

Tue, 25 Aug 2020 08:35 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढेंकनाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढेंकनाल Published by: Tanuja Yadav Updated Tue, 25 Aug 2020 08:35 AM IST
विज्ञापन
40 families belonging from dalit community faced socially boycotted in Dhenkanal in Odisha
ओडिशा के ढेंकनाल में दलित परिवारों का सामाजिक बहिष्कार - फोटो : ANI

ओडिशा के ढेंकनाल जिले के कांतियो कटेनी गांव में दलित समुदाय के ताल्लुक रखने वाले 40 परिवारों ने कथित तौर पर सामाजिक बहिष्कार का सामना किया। दरअसल, दलित समुदाय की एक लड़की ने ऊंची जाति से संबंधित शख्स के खेत से एक फूल तोड़ लिया था, जिसके बाद सभी 40 परिवारों के साथ ये सलूक किया गया।

विज्ञापन


विज्ञापन




गांव वालों के मुताबिक दो महीने पहले दलित समुदाय की एक बच्ची ने फूल तोड़ा था। बच्ची के माता-पिता ने माफी मांगी और ग्राम पंचायत से अनुरोध किया कि उन्हें माफ कर दें लेकिन ऊंची जाति के लोगों की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद परिवार वालों को सजा सुनाई गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सजा के तौर पर परिवार वालों को किसी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया, गांव में किसी से बात करने की अनुमति नहीं दी गई, सरकारी गल्ले की दुकानों को खाना देने के लिए मना कर दिया और दलित समुदाय के अध्यापकों को ट्रांसफर लेने के लिए कहा गया। हालांकि अब ये मामला सुलझ चुका है।

दलित समुदाय का सदस्य और गांव के रहने वाले विजय कुमार नाइक ने बताया कि सूरजमुखी की एक फूल तोड़ने पर, हम दलित समुदाय के लोगों को सामाजित बहिष्कार का सामना करना पड़ा। हमने इसके खिलाफ पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई, पुलिस ने मामला सुलझाने के लिए दो समूहों को बुलाया लेकिन उन लोगों ने आज्ञा नहीं मानी।

 


विजय ने बताया कि कुछ दिनों बाद हमने फिर शिकायत दर्ज कराई और अब अधिकारियों के सामने ये मामला सुलझ चुका है। ऊंची जाति का सदस्य और गांव निवासी हर्मन मोहालिक ने बताया कि ये दलित और हमारे समुदाय में छोटा सा मामला था, जो पहले ही पुलिस और आला अधिकारियों के सामने सुलझ चुका है।

गांव के सरपंच प्रणबंधु दास ने कहा कि गांव में अब लोग वैसे ही रह रहे हैं, जैसे कि पहले रहा करते थे। ये दो महीने पहले हुआ था लेकिन लोग इस समुदाय पर लेकर चले गए। अब ये मामला पुलिस के सामने सुलझ चुका है और गांव में दोनों समुदायों के बीच हुई बातचीत के बाद सभी गांव वाले वैसे ही रह रहे हैं, जैसे रहा करते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed