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इस बार अधिक रही गर्म दिनों की संख्या, हीट वेव से अबतक 36 लोगों की हुई मौत
Sat, 15 Jun 2019 03:45 PM IST
शिल्पा ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Sat, 15 Jun 2019 03:45 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
भारत में इस बार गर्मियों में कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई है। देश के इतिहास में इस बार सबसे अधिक गर्मी पड़ी है। इस बात की जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान (एनडीएमए) की प्रवक्ता अंशु प्रिया ने दी है। मुख्य रूप से उत्तरी और मध्य भारत में लगातार 30 से भी अधिक दिनों तक लू की स्थिति रही है। राजधानी दिल्ली में 10 जून को पारा 48 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
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वहीं राजस्थान के चूरू में एक जून को तापमान 50 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। देरी से आए मानसून ने भी गर्मी के मौसम में इजाफा किया है। इस बार मानसून सात दिन की देरी से आठ जून को दक्षिणी राज्य में आया। जबकि उत्तरी भारत अभी भी मानसून की बारिश के इंतजार में बैठा है।
भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के राघवन कृष्णन का कहना है कि लू की स्थिति अभी और भी दिनों तक बनी रहेगी। साल 2016 में एनडीएमए ने गर्मी की लहरों के घातक प्रभाव को कम करने के लिए कई पहल शुरू की थीं। जिनमें अत्यधिक गर्म मौसम से बचने के लिए राज्य सरकार के काम के घंटे समायोजित करना, पीने के पानी की सुविधा देना, घरों की छतों को सफेद रंग से रंगना शामिल है।
इसी का प्रभाव है कि बीते सालों की तुलना में भारत में गर्मी से होने वाली मौत के आंकड़े में कमी देखी गई है। इससे पहले साल 2015 में लू के कारण 2400 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं बीते साल इससे 250 लोगों की मौत हुई थी।