पाकिस्तान में फिर खुलेगा 300 साल पुराना मशहूर गुरुद्वारा
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देश की आजादी के छह दशक बाद पाकिस्तान का भाई बीबा सिंह गुरद्वारा फिर से खोला जाएगा। गुरुद्वारा ट्रस्टी सिद्दीक उन फारुख ने मीडिया को बताया है कि अब यहां भारतीय सिख दर्शन और पूजा के लिए आ सकेंगे।
पाकिस्तान का यह मशहूर गुरुद्वारा 300 साल पुराना है जिसे सिख सम्राज्य के संस्थापक महाराजा रंजीत सिंह ने बनवाया था। यह गुरुद्वारा पेशावर के जोगीवाड़ा इलाके में स्थित है।
पाकिस्तान के पेशावर में बना यह गुरुद्वारा सिखों के 10वें धर्म गुरु, गुरु गोविंद सिंह के जमाने की बेहतरीन इमारतों में से एक है। अंग्रेजों से देश की आजादी के दौरान जब भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ तो यहां रहने वाले सिख समुदाय के लोग पलायन कर गए थे। पिछले 66 सालों से यह गुरुद्वारा उपेक्षा का शिकार बना हुअा था।
गुरुद्वारा खोलने पर रखी शर्त
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इवैक्वी ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के चेयरमैन सिद्दीक उल फारुख ने फोन पर कहा है कि यह गुरुद्वारा तभी खोला जाएगा जब भारत सरकार उन मस्जिदों को पाकिस्तानी मुसलमानों के लिए खोलेगी जिनके बारे में 1974 में दोनों देशों के बीच समझौता हुआ था।
चेयरमैन फारुख ने कहा है कि उन्होंने भाई बीबा सिंह गुरुद्वारा का पुनर्निमाण कराया है जिससे वह अब दर्शनार्थियों के आने लायक हुआ है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिख अब यहां आकर खुशी महसूस कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि अभी तक इस गुरुद्वारे में सिर्फ पाकिस्तानी सिख ही जा सकते थे लेकिन अब भारतीय सिख भी इस गुरुद्वारे में जा सकेंगे।
पाकिस्तान के धार्मिक मामले और अंतर विश्वास मंत्रालय ने इस भारतीय सिखों लिए खुलावाने की पहल की है। मंत्रालय ने ही इसके पुनर्निर्माण के लिए धन भी मुहैया कराया है।