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नमो के 3 साल: गांव—गरीब पर रही मोदी की नजर

Thu, 25 May 2017 06:08 PM IST
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली
संजय मिश्र/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 25 May 2017 06:08 PM IST
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3 years of Modi: modi's focus on village and poor
पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : file photo
जीवनशैली और राजनीतिक अंदाजों के विपरीत पीएम मोदी ने अपनी सरकार की नजर गांव—गरीब की ओर ही रखी है। शुरुआत में भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध और सूटबूट सरीखे सियासी आरोपों से निपटने के बाद बतौर पीएम तीन साल के कार्यकाल में मोदी ने नए भारत के निर्माण के लिए गांव—गरीब को सशक्त बनाने पर ही ज्यादा जोर दिया है। गरीबों को राहत देने से लेकर उनकेे कल्याण के लिए मोदी ने तमाम योजनाएं शुरू की हैं। जिसका असर जमीन पर दिखने लगा है। यूपी में भाजपा को मिली ऐतिहासिक जीत में उज्जवला योजना की सफलता बताई जा रही है। तो जनधन खातों के जरिए पीएम ने आम जन को सशक्त बनाने का सफल प्रयास किया है।
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सामाजिक के साथ गरीबों के आर्थिक सशक्तिकरण पर रहा मोदी का जोर 
तीन साल के कार्यकाल में पीएम मोदी का जोर सामाजिक विकास के साथ गांव—गरीब के लोगों का आर्थिक विकास करने पर रहा है। पीएम मोदी यह बात अक्सर कहते हैं कि जब गांव—गरीब के पास आर्थिक ताकत पहुंचेगी तभी देश का विकास संभव हो सकेगा। अंत्योदय के मकसद पर बढ़ते हुए मोदी ने बीते 3 साल में कई योजना शुरू की हैं। मोदी की सामाजिक और आर्थिक योजनाओं पर अमर उजाला की एक नजर। 
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जनधन खातों की संख्या पहुंची 28 करोड़ के पार 
बैेकों तक आम आदमी की पहुंच सुनिश्चित करने के मकसद से मोदी के जरिए शुरू की गई जनधन खातों से देशभर 28 करोड़ 52 लाख लोग पहली दफे बैंको तक पहुंच पाएं हैं। 18 मई तक देश में 28.52 करोड़ बैंक खाते खुले हैं। शून्य बैलेंस पर खुलने वाले इन खाताधारकों को 1 लाख के बीमे के अलावा रूपए कार्ड प्रदान किया है। करीब 22 करोड़ रूपए कार्ड जारी हो चूके हैं। जनधन खातों में जमा रकम 18 मई तक 64, 4222.9  करोड़ रूपया थी। 60 प्रतिशत से ज्यादा खाते ग्रामीण भारत में खुले हैं। 
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मोदी के सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का आलम
गरीबों के विकास के लिए मोदी के जरिए शुरू की गई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का आलम यह है कि यह जमीन पर सफल होती दिख रही हैं। जन सुरक्षा योजना के तहत 18 मई तक 13.6 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचा है। तो प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से देशभर के 10 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चूके हैं। इस बीमा योजना के तहत 12 रूपए सालाना किश्त देने पर बीमाधारक को आकस्मिक दुर्घटना के मामलों में 2 लाख तक बीमा से रकम मिलेगी। जबकि 330 रूपए की किश्त देकर बीमा करवाने वाली ऐसी ही प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना से भी 3.11 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चूके हैं। अटल पेंशन योजना के तहत लाभ के लिए 49.2 लाख लोगों ने अपना नाम दर्ज करवाया है। 
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मोदी की अन्य अहम योजनाओं पर एक नजर 

3 years of Modi: modi's focus on village and poor
पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : file photo

मुद्रा— आम आदमी में उद्यमिता विकसित करने की मानसिकता के साथ मोदी के जरिए शुरू मुद्रा योजना से 7.75 करोड़ उद्यमियों ने बैंक से बिना गांरटी के ऋण प्राप्त किया है। इस योजना के जरिए बैंको ने 18 मई तक 3.3 लाख करोड़ का ऋण बांटा है। इससे लाभान्वित होने वालों में 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। 

स्टैंड अप इंडिया— दलित एवं आदिवासियों के बीच उद्यमी भाव को बढ़ाने के मकसद से शुरू हुई स्टैंड अप इंडिया योजना के जरिए 10 लाख से 1 करोड़ के बीच ऋण प्रदान किया जाता है। अब तक 22,000 लोगों ने इस योजना के जरिए 4,699 करोड़ का ऋण लिया है। 

उज्जवला योजना— गरीब की रसोई में चूल्हा सुनिश्चित करने के लिए शुरू उज्जवला योजना के जरिए वर्ष 2019 तक 5 करोड़ महिलाओं को गैस कनेक्शन प्रदान करने का सरकार ने लक्ष्य रखा है। बीपीएल परिवार की 2.22 करोड़ महिलाओं को अब तक इस योजना के तहत गैस चूल्हे प्रदान कर दिए गए हैं। 
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अंत्योदय मिशन:
1 करोड़ घरों को गरीबी से बाहर लाने के मकसद से केंद्र ने वर्ष 2017—18 के आम बजट से इस योजना की शरुआत की है। 

गरीबों को भोजन— गरीबों को भोजन सुनिश्चित कराने के प्रयास में शुरू खाद्य सुरक्षा के तहत देश के 81.34 करोड़ लोगों को 2रू किलो की दर पर गेंहू और 3रू किलो की दर पर चावल मिल रहा है। मई 2014 तक इस कानून के तहत केवल 11 राज्य के लोगों को ही मिलता था सस्ता अनाज। सत्ता संभालने के बाद मोदी ने कानून को किया देशभर में लागू। 

दीन दयाल अंत्योदय योजना— स्वंय सहायता समूहों के जरिए गरीबी मिटाने के प्रयास में सरकार ने इस वित्तिय सहयोग योजना की शुरूआत की। 8 लाख लोगों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। और 1.35 से ज्यादा लाभान्वितों को अपना समूह स्थापित करने के लिए आर्थिक मदद प्रदान की गई है। 

सीधा लाभ हस्तांतरण— योजना के करीब 32 करोड़ लोग विभिन्न सरकारी योजनाओं की सब्सिडी सीधे अपने बैंक खाते में प्राप्त कर रहे हैें। 

गांवों को सशक्त बनाने के प्रयास में मोदी का इस योजना पर खासा जोर

3 years of Modi: modi's focus on village and poor
पीएम मोदी - फोटो : file photo
प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजन— गांवों को सशक्त बनाने के प्रयास में मोदी ने इस योजना पर खासा जोर दिया है। इस योजना के तहत वर्ष 2012-13 में 24,161 किमी सड़कों का निर्माण हुआ था। वर्ष 2013-14में 25,316 किमी, वर्ष 2014-15 में 36,337 किमी, वर्ष 2015-16 में 36,449 किमी और वर्ष 2016-17में योजना के जरिए 47,447 किमी ग्रामीण सड़कों का निर्माण हुआ है। 

सबको बिजली— सबको बिजली मुहैया कराने के प्रयास में 18 मई तक 13,450 गांवों का अंधेरा दूर किया जा चूका है। ये गांव उन 18,456 गांवों में शूमार थे जहां आजादी के बाद से अब तक बिजली नहीं पहुंची है। 

सांसद आदर्श ग्राम— गांवों को विकास मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए पीएम ने इस योजना की शुरूआत की। वर्ष 2019 तक हर सांसद को अपने क्षेत्र में 3 गांवों को मॉडल के रूप में विकसित करना है। 

ग्रामीण पेयजल स्पलाई— ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के दायरे का लक्ष्य 73.66 प्रतिशत से आगे बढ़ाते हुए 77.01 प्रतिशत लोगों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। 

मनरेगा— गांव के विकास को ध्यान में रखते हुए ही मोदी ने यूपीए की विवादित मनरेगा योजना को न सिर्फ जारी रखा है बल्कि इसमें धनवर्षा भी खुब की है। अब तक के खर्च को बढ़ाते हुए सरकार ने दस दफे मनरेगा के जरिए 51,902 करोड़ रूपए खर्च करने का लक्ष्य रखा है। 

अंत्योदय एक्सप्रेस— सरकार के गरीब हितैषी होने का संदेश देने के लिए मोदी ने मुंबई और टाटानगर के बीच अनारक्षित सुपरफास्ट ट्रेनों का परिचालन शुरू किया। इन ट्रेनों में सभी प्रकार की आधुनिक सुविधाएं लैस हैं। 
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