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क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर देना होगा प्रति यात्री 200 रुपये जुर्माना
Fri, 09 Aug 2019 02:39 AM IST
Avdhesh Kumar
शिशिर चौरसिया, नई दिल्ली
शिशिर चौरसिया, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 09 Aug 2019 02:39 AM IST
सार
- तीन महीने में लागू हो जाएगा कानून
- चालान की राशि क्षमता से अधिक प्रति सवारी 200 रुपये होगी
- मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2019 में इससे निपटने का इंतजाम किया गया है
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बस, मिनी बस, मैक्सी, टैंपू या सार्वजनिक परिवहन के किसी भी वाहन में क्षमता से अधिक सवारी बैठाना महंगा पड़ सकता है। केंद्र सरकार द्वारा संसद से पारित कराए गए विधेयक के मुताबिक, किसी भी सार्वजनिक वाहन में तय क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर वाहन चालक या परिचालक का चालान काटा जाएगा। चालान की राशि क्षमता से अधिक प्रति सवारी 200 रुपये होगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मेट्रो शहर से लेकर कस्बे, गांव सब जगह सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं। इसलिए हाल ही संसद से पारित करवाए गए मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2019 में इससे निपटने का इंतजाम किया गया है। इसके सेक्शन 194 ए में प्रावधान किया गया है कि जिस वाहन में जितनी अतिरिक्त सवारी बैठायी जाएगी, उस पर प्रति सवारी 200 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।
तीन महीने में लागू हो जाएगा कानून
अधिकारी का कहना है कि बिल को संसद के बजट सत्र में ही लोकसभा और राज्यसभा से पारित करवा लिया गया है। अब इस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने हैं। इसके बाद मंत्रालय में इससे संबंधित नियम-विनियम बना लिए जाएंगे। उसके बाद इसे अधिसूचित कर दिया जाएगा। फिर इस कानून को राज्य सरकारों को अंगीकार करना होगा। उसके बाद यह लागू हो जाएगा।
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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मेट्रो शहर से लेकर कस्बे, गांव सब जगह सार्वजनिक परिवहन के वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं। इसलिए हाल ही संसद से पारित करवाए गए मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2019 में इससे निपटने का इंतजाम किया गया है। इसके सेक्शन 194 ए में प्रावधान किया गया है कि जिस वाहन में जितनी अतिरिक्त सवारी बैठायी जाएगी, उस पर प्रति सवारी 200 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा।
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तीन महीने में लागू हो जाएगा कानून
अधिकारी का कहना है कि बिल को संसद के बजट सत्र में ही लोकसभा और राज्यसभा से पारित करवा लिया गया है। अब इस पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने हैं। इसके बाद मंत्रालय में इससे संबंधित नियम-विनियम बना लिए जाएंगे। उसके बाद इसे अधिसूचित कर दिया जाएगा। फिर इस कानून को राज्य सरकारों को अंगीकार करना होगा। उसके बाद यह लागू हो जाएगा।
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राज्यों को मिले और अधिकार
सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले संगठन सेव माई लाइफ के प्रमुख पीयूष तिवारी का कहना है कि इसे लागू करने में राज्यों को और भी अधिकार मिले हुए हैं। चूंकि सड़क सुरक्षा राज्यों का विषय है, इसलिए इस विषय में केंद्र ने मार्गदर्शक कानून बनाया हुआ है। उसी को आधार बनाकर राज्य सरकार अपना नियम बनाती है। इसका तात्पर्य यह है कि यदि राज्य चाहे तो ओवरलोडिंग पर प्रति सवारी 200 रुपये से अधिक के जुर्माने का भी प्रावधान कर सकता है।
सभी सवारियों को बांधनी होगी सीट बेल्ट
अभी तक कारों में ड्राइवर और अगली सीट पर बैठने वाले यात्री को ही सीट बेल्ट बांधना अनिवार्य था। अब जो कानून में संशोधन किया गया है, उसमें सीट बेल्ट नहीं पहनने का जुर्माना 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। साथ ही, इस नियम को आगे-पीछे सभी सीटों पर बैठे लोगों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। पीयूष तिवारी का कहना है कि यह भी सड़क सुरक्षा की दिशा में उठाया गया बेहतर कदम है। कार कंपनियों ने तो सभी सीटों पर बैठने वाली सवारी के लिए सीट बेल्ट लगाना कब से शुरू कर दिया है, लेकिन लोग इसे लगाते नहीं।
सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले संगठन सेव माई लाइफ के प्रमुख पीयूष तिवारी का कहना है कि इसे लागू करने में राज्यों को और भी अधिकार मिले हुए हैं। चूंकि सड़क सुरक्षा राज्यों का विषय है, इसलिए इस विषय में केंद्र ने मार्गदर्शक कानून बनाया हुआ है। उसी को आधार बनाकर राज्य सरकार अपना नियम बनाती है। इसका तात्पर्य यह है कि यदि राज्य चाहे तो ओवरलोडिंग पर प्रति सवारी 200 रुपये से अधिक के जुर्माने का भी प्रावधान कर सकता है।
सभी सवारियों को बांधनी होगी सीट बेल्ट
अभी तक कारों में ड्राइवर और अगली सीट पर बैठने वाले यात्री को ही सीट बेल्ट बांधना अनिवार्य था। अब जो कानून में संशोधन किया गया है, उसमें सीट बेल्ट नहीं पहनने का जुर्माना 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। साथ ही, इस नियम को आगे-पीछे सभी सीटों पर बैठे लोगों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। पीयूष तिवारी का कहना है कि यह भी सड़क सुरक्षा की दिशा में उठाया गया बेहतर कदम है। कार कंपनियों ने तो सभी सीटों पर बैठने वाली सवारी के लिए सीट बेल्ट लगाना कब से शुरू कर दिया है, लेकिन लोग इसे लगाते नहीं।