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ऑस्ट्रेलिया के संग्रहालय से आएगी बुद्ध की 2 हजार साल पुरानी दुर्लभ मूर्ति
ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा gautam buddha statue
Updated Sun, 09 Oct 2016 03:18 AM IST
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : getty images
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विदेशों में बिखरी भारत की विरासत और संस्कृति को अपने देश में लाने की मुहिम रंग लाने लगी है। भारत सरकार की पहल पर ऑस्ट्रेलिया के संग्रहालय से दो हजार साल पुरानी कुषाण कालीन आसीन बुद्ध की मूर्ति भारत आ रही है। इस मूर्ति को नेशनल म्यूजियम दिल्ली में रखा जाएगा।
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आसीन अभय मुद्रा में बैठे बुद्ध की ये मूर्ति मथुरा कला की है। कुषाण कालीन ये मूर्ति लगभग दो हजार साल पुरानी दुर्लभ मूर्तियों में से एक बताई जा रही है। वर्तमान में ये मूर्ति नेशनल गैलरी ऑफ ऑस्ट्रेलिया कैंड्रा में लगी है। बताया गया कि मूर्ति तस्करों की जांच में जुटी एजेंसियों के इनपुट पर सरकार ने ऑस्ट्रेलिया की सरकार से इस दुर्लभ मूर्ति के आस्ट्रेलिया संग्रहालय में पहुंचने के दस्तावेजों को खंगाले। पड़ताल शुरू हुई तो ये बात सामने आई कि जिन दस्तावेजों के माध्यम से मूर्ति आस्ट्रेलिया पहुंची है वो सही नहीं हैं।
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इसके बाद एंटिबिटी एंड ट्रेजर एक्ट के तहत प्रक्रिया शुरू हुई। ऑस्ट्रेलिया सरकार ने प्रक्रिया पूरी करने के बाद इस दुर्लभ मूर्ति को भारत भेजने की सहमति प्रदान कर दी है। उपअधीक्षण पुरातत्व डा. विनय गुप्ता ने बताया कि मूर्ति के वापस भारत आने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही ये मूर्ति दिल्ली के नेशनल म्यूजियम में पर्यटकों के लिए प्रदर्शित की जाएगी।
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ये है मूर्ति की खासियत
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- फोटो : getty images
राजकीय संग्रहालय के सहायक निदेशक डा. एसपी सिंह ने बताया मथुरा कला की बुद्ध की ये मूर्ति कुषाण काल की है। इस दुर्लभ मूर्ति को मथुरा के संग्रहालय में लाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
इस मूर्ति में बुद्ध अभय मुद्रा में है जो 1900 से दो हजार साल तक पुरानी है। मूर्तिकारों ने इस मूर्ति को कुषाण काल में बनाया था। मथुरा कला की होने के चलते ये मथुरा की अमूल्य धरोहरों में शुमार है।
इस मूर्ति में बुद्ध अभय मुद्रा में है जो 1900 से दो हजार साल तक पुरानी है। मूर्तिकारों ने इस मूर्ति को कुषाण काल में बनाया था। मथुरा कला की होने के चलते ये मथुरा की अमूल्य धरोहरों में शुमार है।