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इंसानों का शिकार, 18 शेर 'गिरफ्तार'

Tue, 14 Jun 2016 05:42 PM IST
प्रशांत दयाल/ बीबीसी, अहमदाबाद
प्रशांत दयाल/ बीबीसी, अहमदाबाद Updated Tue, 14 Jun 2016 05:42 PM IST
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18 lion arrested for hunting human
lion arrested - फोटो : bbc
गुजरात में एक महिला समेत तीन लोगों को मारकर खाने के मामले में 18 शेरों को पकड़ लिया गया है। नियमों के अनुसार जंगलों में बसने वाला शेर अगर इंसान का शिकार करता है, तो उससे जंगल में रहने का अधिकार छीन लिया जाता है। उसे अपनी बाकी की जिंदगी सलाखों के पीछे काटनी पड़ती है।
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हाल ही में गुजरात के गीर के जंगलों से सटे इलाकों में शेरों ने छह इंसानों पर हमला कर दिया। इनमें से दो पुरुष और एक महिला को वो मारकर खा गए। इसके बाद वन विभाग ने 18 शेरों को पकड़कर पिंजरे में बंद कर दिया। अब इन 18 शेरों में से इंसानों का शिकार किसने किया, इसका पता लगाने के लिए वैज्ञानिक पद्धति से जांच हो रही है। जांच में जो शेर दोषी पाए जाएंगे, उन्हें छोड़कर बाकी निर्दोष शेरों को वापस जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
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गुजरात के मुख्य वन्य पशु संरक्षक जेए खान ने बताया, "सही है कि इंसानों की हत्या के मामले में 18 शेरों को पकड़ा गया है। इनमें से किस शेर ने इंसान का शिकार किया है, इसका पता लगाने के लिए वैज्ञानिक जांच हो रही है।"
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इंसानों का शिकार करना शेर का स्वभाव नहीं

18 lion arrested for hunting human
lion arrested - फोटो : bbc
इसमें एक शेर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसका मतलब यह हुआ कि उस शेर ने तो इंसान को मारकर खाया है। हालांकि अभी नौ शेरों की मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई है। सभी रिपोर्टें आने के बाद ही यह तय होगा कि कितने शेर दोषी हैं और कितने निर्दोष।

शेरों को बचाने के लिए मुहिम चला रही वाईल्ड लाइफ एक्सपर्ट रुचि दवे का कहना था कि यह बहुत आश्चर्य की बात है कि शेर इंसान का शिकार करने लगे हैं। यह उनका स्वभाव नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मामले में दोषी शेर का पता लगाने के लिए जो पद्धति अपनाई गई है, वह बहुत कारगर और वैज्ञानिक है।

इस पद्धति में शेर ने जिस इलाके में इंसान का शिकार किया है, उस इलाके में शेरों के पैरों के निशान लिए जाते हैं। इनसे पकड़े गए शेरों के पैरों के निशान मिलाए जाते हैं। इससे प्राथमिक तौर पर यह तय हो जाता है कि जहां शिकार हुआ, वहां कौन सा शेर था। दवे ने बताया की पशु चिकित्सक सात दिन तक पकड़े गए शेरों के मल की जांच करते हैं, क्योंकि शिकार के सात दिन बाद तक शेर के मल में मानव के अवशेष मिलते हैं।

दोषी शेर का पता लगाने का तीसरा तरीका है मानसिक अवस्था। इंसान का शिकार करने वाले शेर का व्यवहार बदल जाता है। वह इंसान को देखते ही गुस्से में आ जाता है। कई सालों से गीर के शेरों के बीच काम करने वाले रेवतुभा रायजादा ने बताया की इन सभी परीक्षणों के बाद वन विभाग आला अधिकारियों को सभी शेरों की रिपोर्ट सौंपेगा।

 

'मांस खाने वाले शेर को जंगल में नहीं छोड़ सकते'

18 lion arrested for hunting human
वन अधिकारी तय करते हैं कि दोषी शेर कौन सा है। इस प्रक्रिया में दोषी पाए गए शेर को पिंजड़े में बंद कर दिया जाता है, क्योंकि एक बार इंसान का मांस खाने वाले शेरों को जंगल में नहीं छोड़ सकते हैं। वन अधिकारी जेए खान ने बताया कि अभी तक पकडे गए 18 शेरों में से एक दोषी पाया गया है।

उन्होंने बताया कि निर्दोष शेरों को वापस जंगल में छोडने में महीने भर का समय लग सकता है। कई बार ऐसा भी होता है कि जहां शेर इंसान का शिकार करते हैं, वहां के लोग शेरों से नाराज होते हैं और शेरों को वापस वहीं छोड़ना जोखिम भरा हो सकता है।


 
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