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बांग्लादेश: चुनावी हिंसा में 17 लोगों की मौत, शुरुआती परिणामों में हसीना आगे

Sun, 30 Dec 2018 09:25 PM IST
संदीप भट्ट वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संदीप भट्ट Updated Sun, 30 Dec 2018 09:25 PM IST
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17 people died in electoral violence, Hasina win in initial results
बांग्लादेश में रविवार को भारी सुरक्षा के बीच 299 संसदीय सीटों के लिए वोट डाले गए। इस दौरान देशभर से चुनावी हिंसा की खबरें आईं। इसमें एक सुरक्षाकर्मी समेत 17 लोगों की मौत हो गई। कई जगहों पर प्रधानमंत्री शेख हसीना की सत्तारूढ़ पार्टी आवामी लीग और मुख्य विपक्षी दल बेगम खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के समर्थकों के बीच हिंसक झड़पें हुईं। एक उम्मीदवार की आकस्मिक मौत की वजह से उस सीट पर वोटिंग रोक दी गई। वहीं वोटिंग के बाद अब गिनती भी शुरू हो गई है। जानकारी के मुताबिक शुरुआती परिणामों में शेख हसीना को स्पष्ट लीड दिखाई दे रही है।
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बीडी न्यूज24 की रिपोर्ट के मुताबिक, रंगामती के कावखाली में आवामी लीग की यूथ विंग जूबो लीग के एक नेता की हत्या कर दी गई। वहीं, चट्टोग्राम में एक बीएनपी समर्थक की झड़प में मौत हो गई। नरसिंहडी में आवामी लीग के एक पोलिंग एजेंट के मारे जाने की खबर है। बीएनपी समर्थकों ने राजशाही और मोहनपुर में आवामी लीग के समर्थकों पर हमला किया। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि नोवाखाली-3 संसदीय क्षेत्र में जमात के कार्यकर्ताओं ने कानून प्रवर्तन एजेंसी के सदस्य की हत्या कर दी।
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आज सुबह तक आएंगे नतीजे

17 people died in electoral violence, Hasina win in initial results
बांग्लादेश में वोटिंग स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजे शुरू हो हुई और निर्धारित समय शाम 4 बजे समाप्त हो गई। चुनाव आयोग ने बताया कि सोमवार सुबह तक चुनाव के नतीजे आ जाएंगे। संसद में कुल 300 सीटें हैं। हालांकि, चुनाव सिर्फ 299 सीटों पर हुआ। 1,848 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।

पहली बार ईवीएम का इस्तेमाल

यह पहली बार था जब देश में आम चुनाव के लिए प्रयोग के तौर पर छह संसदीय सीटों पर ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान कुछ जगहों पर ईवीएम में गड़बड़ी की भी शिकायत दर्ज की गई।

चुनाव शांतिपूर्ण रहा : सीईसी

मुख्य निर्वाचन आयुक्त नूरुल हुडा ने कहा कि कुछ जगहों को छोड़ दें तो देश में चुनाव शांतिपूर्ण रहा। चुनाव के लिए हजारों सैनिकों समेत छह लाख अर्धसैनिक बल और पुलिस के जवान देशभर में तैनात किए गए थे।

10 कैंडीडेट ने किया चुनाव का बहिष्कार

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दस उम्मीदवारों ने चुनाव का बहिष्कार किया। इनमें अधिकतर बीएनपी के उम्मीदवार हैं। बीएनपी के आरके रिजवी ने कहा कि आवामी लीग समर्थकों ने देशभर में पोलिंग बूथों पर कब्जा कर रखा है। यह पूरी तरह से एकतरफा चुनाव है।

हसीना ने डाला सबसे पहले वोट

प्रधानमंत्री शेख हसीना ने राजधानी ढाका के एक पोलिंग सेंटर पर सबसे पहले वोट डाला। इस सीट से उनके भतीजे और पार्टी उम्मीदवार फजले नूर तपोश चुनाव मैदान में हैं।

बांग्लादेश की दो बेगमों के बीच मुकाबला

मुख्य विपक्षी दल बीएनपी की प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया (73) भ्रष्टाचार के मामले में जेल में हैं। उनके चुनाव लड़ने पर रोक है। इसी साल उन्हें 10 साल की सजा हुई है। इसकी वजह से माना जा रहा है कि शेख हसीना (71) रिकॉर्ड चौथी बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बन सकती हैं। कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी पार्टी के चुनाव लड़ने पर रोक थी। लेकिन उसके उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव में थे। हालांकि, मुकाबला दोनों बेगमों (जिया और हसीना) के बीच ही माना जा रहा है। बीएनपी ने पिछले आम चुनाव का बहिष्कार किया था।

मैं चुनाव में अपनी पार्टी की जीत को लेकर शुरू से आश्वस्त हूं। मुझे जनता पर पूरा भरोसा है कि अच्छे भविष्य की खातिर वो मुझे दोबारा चुनेगी। -शेख हसीना, प्रधानमंत्री, बांग्लादेश
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