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Development: यूपी की तरह विभिन्न राज्यों में 12 नए औद्योगिक शहर बनेंगे, विनिर्माण व रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
Sat, 27 Jul 2024 06:49 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Sat, 27 Jul 2024 06:49 AM IST
सार
देश में घरेलू विनिर्माण और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा व गुजरात के धोलेरा की तरह विभिन्न राज्यों में 12 नए औद्योगिक शहर बनाए जाएंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एजेंसी
विस्तार
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को बताया, ऐसे दो औद्योगिक शहर आंध्र प्रदेश और एक बिहार में विकसित किए जा रहे हैं। वहीं, आठ औद्योगिक शहर पहले से ही कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं, जबकि बजट में 12 नए औद्योगिक शहरों की घोषणा की गई है। इससे देश में इन शहरों की संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी।
आठ शहर पहले से ही विकास चरण में
सचिव ने कहा, आठ औद्योगिक शहरों में से गुजरात के धोलेरा, महाराष्ट्र के ऑरिक, मध्य प्रदेश के विक्रम उद्योगपुरी और आंध्र प्रदेश के कृष्णापत्तनम में इनकी बसावट के लिए बुनियादी ढांचा विकसित किया जा चुका है। भूखंड आवंटन का काम चल रहा है। चार अन्य शहरों में भी सड़क संपर्क, पानी व बिजली आपूर्ति जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया में जुटी हुई है।
कैबिनेट से करेंगे संपर्क
सिंह ने कहा, इन शहरों के लिए योजनाएं तैयार हैं और जमीन राज्य सरकारों के पास है। हमें बस इसके लिए गठित विशेष उद्देश्य वाली इकाइयों (एसपीवी) को इक्विटी मंजूरी देनी है। डीपीआईआईटी नए शहरों के लिए कैबिनेट से संपर्क करेगा।
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सरकार राजकोषीय घाटा कम करने के लिए प्रतिबद्ध : फिच
फिच रेटिंग्स ने शुक्रवार को कहा, भारत का चुनाव बाद का बजट इस बात की पुष्टि करता है कि सरकार राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। गठबंधन में शामिल दलों की मांग के बावजूद नई सरकार राजकोषीय मजबूती के रास्ते पर टिकी हुई है। फिच ने कहा, हमारा मानना है कि यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, क्योंकि 2024-25 में सरकार का अनुमान बाजार मूल्य पर जीडीपी वृद्धि 10.5 फीसदी रहने का है, जो हमारे मौजूदा पूर्वानुमान से थोड़ा कम है।
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आठ शहर पहले से ही विकास चरण में
सचिव ने कहा, आठ औद्योगिक शहरों में से गुजरात के धोलेरा, महाराष्ट्र के ऑरिक, मध्य प्रदेश के विक्रम उद्योगपुरी और आंध्र प्रदेश के कृष्णापत्तनम में इनकी बसावट के लिए बुनियादी ढांचा विकसित किया जा चुका है। भूखंड आवंटन का काम चल रहा है। चार अन्य शहरों में भी सड़क संपर्क, पानी व बिजली आपूर्ति जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण की प्रक्रिया में जुटी हुई है।
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कैबिनेट से करेंगे संपर्क
सिंह ने कहा, इन शहरों के लिए योजनाएं तैयार हैं और जमीन राज्य सरकारों के पास है। हमें बस इसके लिए गठित विशेष उद्देश्य वाली इकाइयों (एसपीवी) को इक्विटी मंजूरी देनी है। डीपीआईआईटी नए शहरों के लिए कैबिनेट से संपर्क करेगा।
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सरकार राजकोषीय घाटा कम करने के लिए प्रतिबद्ध : फिच
फिच रेटिंग्स ने शुक्रवार को कहा, भारत का चुनाव बाद का बजट इस बात की पुष्टि करता है कि सरकार राजकोषीय घाटे को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। गठबंधन में शामिल दलों की मांग के बावजूद नई सरकार राजकोषीय मजबूती के रास्ते पर टिकी हुई है। फिच ने कहा, हमारा मानना है कि यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, क्योंकि 2024-25 में सरकार का अनुमान बाजार मूल्य पर जीडीपी वृद्धि 10.5 फीसदी रहने का है, जो हमारे मौजूदा पूर्वानुमान से थोड़ा कम है।