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असमः पिछले आठ वर्षों में ‘डायन’ बताकर मारे गए 107 लोग
Sun, 01 Dec 2019 01:38 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 01 Dec 2019 01:38 AM IST
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- फोटो : pexels.com
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असम में पिछले आठ वर्षों में डायन बता कर 107 लोगों की हत्या करने के मामले सामने आए हैं। असम के संसदीय कार्य मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने शनिवार को राज्य विधानसभा में यह जानकारी दी।
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कांग्रेस विधायक नंदिता दास के एक लिखित सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि ‘वर्ष 2011 से मई 2016 तक इस मामले में 80 लोगों की मौत हुई है, जबकि राज्य में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार सत्ता में आने पर इस वर्ष अक्तूबर तक 23 और लोगों की मौतें हुईं हैं।
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मुख्यमंत्री सरबानंद सोनोवाल की ओर से पटवारी ने कहा कि ‘राज्य सरकार ने पिछले वर्ष अक्तूबर में असम विच हंटिंग (निषेध, रोकथाम और संरक्षण) अधिनियम, 2015 को अधिसूचित किया था और सरकार अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है।
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पटवारी ने सदन को बताया कि ‘बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया डिस्ट्रिक्ट्स’ (बीटीएडी) क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोकराझार, चिरांग और उदलगुड़ी जिलों में क्रमश: सबसे अधिक 22,19 और 11 लोगों की मौत दर्ज की गई हैं।
उन्होंने बताया कि बिस्वनाथ में 9, गोवालपारा में 7, नगांव तथा तिनसुकिया में 6-6 और कारबी आंगलोंग तथा माजुली जिलों में 4-4 लोग मारे गए। मंत्री ने बताया कि मई 2016 से अब तक ‘विच हंटिंग’ में मरने वालों में 23 लोगों में से 12 पुरुष और 11 महिलाएं शामिल हैं।