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पैरामिलिट्री फोर्स भेजने के नाम पर न धमकाएं राजनाथ: बाली
ब्यूरो, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 05 Mar 2016 09:42 PM IST
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परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि पर्यटन नगरी धर्मशाला किसी पहचान की मोहताज नहीं। (फाइल फोटो)
- फोटो : ब्यूरो
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शहीदों के परिजनों से मिलने के बाद परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह पैरामिलिट्री फोर्स और सेना भेजने के नाम पर धमकाएं नहीं। कहा कि हिमाचल देवभूमि है। यहां के लोगों को पैरामिलिट्री फोर्स से डराने की कोशिश न करें। जब मुंबई में गुलाम अली का विरोध हो रहा था तो वहां पैरामिलिट्री फोर्स क्यों नहीं भेजी गई। देवभूमि का अपमान सहन नहीं होगा।
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धर्मशाला में प्रस्तावित भारत-पाक क्रिकेट मैच को लेकर परिवहन मंत्री ने साफ किया है कि अगर शहीदों का अपमान कर विश्व स्तर पर धर्मशाला का नाम होता है तो ऐसे नाम की जरूरत नहीं है। राज्य सरकार का मंत्री होने के नाते सुरक्षा व्यवस्था करना हमारा कर्त्तव्य है। उसे निभाएंगे भी, लेकिन जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता की सुनना और उसे सामने लाना भी जरूरी है।
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बाली ने यह बात शनिवार को हाल ही में शहीद हुए जवानों के परिजनों से भेंट करने के बाद कही। शहीदों के परिजनों से मुलाकात के बाद परिवहन मंत्री ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। कहा कि वह धर्मशाला में प्रस्तावित भारत-पाक क्रिकेट मैच का विरोध करते हैं। इसका कारण राजनीतिक नहीं है।
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जो लोग इस विरोध को राजनीतिक बता रहे हैं, उन्हें यह नहीं पता कि राजनीति करने के लिए उन्हें क्रिकेट के सहारे की जरूरत नहीं। अगर पठानकोट हमले में शहीद हुए सैनिकों के परिजनों के अलावा पालमपुर से डॉक्टर कालिया, विक्रम बत्रा, सुधीर वालिया और शहीद संजीवन के परिजन मैच का विरोध कर रहे हैं तो क्या वे भी राजनीति कर रहे हैं?
सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच से ही धर्मशाला वैश्विक मानचित्र पर उभरेगा? क्या इससे पहले अंग्रेजों के बसाए और दलाईलामा के इस निवास स्थान की कोई पहचान नहीं थी।
सहयोगी दलों के विरोध पर क्यों नहीं हुई दिक्कत- बाली ने कहा कि जो लोग हमें कह रहे हैं सुरक्षा को लेकर हम राजनीति कर रहे हैं, उन्होंने तब आवाज क्यों नहीं उठाई जब उन्हीं का एक सहयोगी दल महाराष्ट्र में पाकिस्तानी आर्टिस्ट गुलाम अली के प्रोग्राम का विरोध कर रहा था। तब तो उन्हीं की सरकार ने सुरक्षा की दृष्टि से उस प्रोग्राम को रद्द कर दिया था।
घर के आदमियों से ज्यादा नहीं व्यावसायिक घाटा- परिवहन मंत्री ने कहा कि कुछ लोग तर्क दे रहे हैं कि मैच न होने पर होटल और टैक्सी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को घाटा होगा, लेकिन सवाल यह है कि पाकिस्तान की वजह से जिन परिवारों के घरों में आदमियों का घाटा हुआ, उसे कैसे उबरा जा सकता है।
5000 में बिक रहा 500 रुपये का टिकट- परिजनों से मिलने के बाद बाली ने कहा कि मैच को लेकर तमाम भ्रम फैलाए जा रहे हैं। 500 का टिकट 5000 रुपये में बिक रहा है। टिकटों की नीलामी तक हो रही है। इस नीलामी से पार पाकर कितने आम हिमाचली स्टेडियम की दहलीज क्रॉस कर पाएंगे। अपने भाइयों-बेटों-पिताओं को खोने के बाद हिमाचली संवेदनाओं को भी मारने का प्रयास किया जा रहा है।
बदला जाए भारत-पाक मैच का वेन्यू- जीएस बाली ने आईसीसी एवं बीसीसीआई से धर्मशाला में प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान टी-20 क्रिकेट मैच का स्थल बदलने का अनुरोध किया है। कहा कि शहीदों के परिजनों सहित पूर्व फौजी एवं अन्य अनेक संगठन इस मैच का विरोध कर रहे हैं तथा जन भावनाओं का ध्यान रखते हुए इस मैच का स्थान परिवर्तित किया जाना चाहिए। इस मैच की जगह धर्मशाला में किसी अन्य टीम के साथ भारत का मैच करवाया जाना चाहिए। बाली पालमपुर में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।