दिल्ली: फिजिकल मोड में लगेगा विश्व पुस्तक मेला, कोरोना काल में पिछली बार हुआ था वर्चुअल आयोजन
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीनस्थ नेशनल बुक ट्रस्ट वैश्विक महामारी कोरोना के चलते दो साल बाद विश्व पुस्तक मेला 2022 को फिजिकल मोड से आयोजित कर रहा है। प्रगति मैदान के नए हॉल में फिजिकल मोड से आयोजित होने वाले इस मेले में आम दर्शकों को भी कोविड 19 से बचाव के प्रोटोकॉल के तहत आने की अनुमति दी जाएगी।
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नई दिल्ली स्थित प्रगति मैदान में पुस्तकों का महाकुंभ विश्व पुस्तक मेला-2022 इस बार आठ से 16 जनवरी तक फिजिकल मोड से आयोजित होगा। मेले में फ्रांस अतिथि देश होगा। इस साल विश्व पुस्तक मेला 2022 की थीम आजादी का अमृत महोत्सव रखी गई है। इसीलिए मेले के दौरान इंडिया एट 75 किताबों की सीरिज भी प्रकाशित की जाएगी। खास बात यह है कि मेले की यह गोल्डन जुबली है। पहला मेला 1972 में आयोजित किया गया था।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीनस्थ नेशनल बुक ट्रस्ट वैश्विक महामारी कोरोना के चलते दो साल बाद विश्व पुस्तक मेला 2022 को फिजिकल मोड से आयोजित कर रहा है। प्रगति मैदान के नए हॉल में फिजिकल मोड से आयोजित होने वाले इस मेले में आम दर्शकों को भी कोविड 19 से बचाव के प्रोटोकॉल के तहत आने की अनुमति दी जाएगी। आजादी का अमृत महोत्सव थीम के चलते मेले में इसी पर आधारित थीम पवेलियन होगा। यहां पर आजादी का अमृत महोत्सव के तहत दर्शकों को स्वतंत्रता सेनानी और उनसे जुड़ी कहानियां भी सुनने और देखने को मिलेंगी।
नई शिक्षा नीति से शिक्षा का ऐतिहासिक सुधार
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से देश के सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को विश्व पुस्तक मेले में भाग लेने के लिए पत्र लिखा है। इसमें लिखा है कि नई शिक्षा नीति 2020 मेले में विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र होगी। इसमें दर्शाया जाएगा कि कैसे नई शिक्षा नीति 2020 से देश की शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव होगा। यहां पर लर्निंग मैटीरियल और नए पाठ्यक्रम पर आधारित किताबें भी प्रदर्शित की जाएंगी। संस्थान और छात्र आजादी का अमृत महोत्सव के तहत पेंटिंग और प्रदर्शनी आदि में भाग ले सकते हैं।
बांग्लादेश की आजादी में भारत की भूमिका को समझें
बांग्लादेश की आजादी में भारतीय सैनिकों का अहम योगदान है। भारत की मदद से बांग्लादेश को पाकिस्तान से आजादी मिली थी। इसे बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के नाम से भी जाना जाता है। मेले में दर्शकों को इससे जुड़ी जानकारी जानकारियां भी मिलेंगी। इसके अलावा 1971 की भारत-पाक लड़ाई के भारतीय सेना के महान योद्धाओं को जानने का मौका भी मिलेगा।