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पेयजल संकट से जूझ रहे तीन गांव
कुल्लू
Updated Thu, 10 Mar 2016 05:27 PM IST
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टैंकर से पानी भरती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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उपमंडल बंजार के तीन गांव के लिए बनी पेयजल योजना ठप पड़ी है। पंचायत कोटला और चकुरठा के गांव शाहुंला, पढ़ारनी और लौउल के बाशिंदे प्राकृतिक जलस्रोतों से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। इन गांवों के लिए बनी पेयजल योजना रातीपरेशी-शांहुला, पढ़ारनी और लौउल चार महीनों से बंद पड़ी है। पेयजल योजना के बर्फ के कारण बंद है। पाइपें जगह-जगह टूटी-फूटी हुई हैं। लोगों को दो किलोमीटर दूर से ढोकर पानी अपने घरों तक पहुंचाना पड़ रहा है। मौजूदा समय में करीब एक हजार से अधिक आबादी समस्या से जूझ रही है।
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स्थानीय निवासी सोहन सिंह, बली राम, शेर सिंह, कर्म चंद, बलदेव सिंह और एसएसबी गुरिल्ला स्वयंसेवी संगठन के जिला अध्यक्ष प्रेम सिंह राणा के अनुसार पेयजल योजना चार महीने से बंद पड़ी हुई है। इसके कारण उन्हें पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। सर्दियों से ही पेयजल स्कीम बंद पड़ी थी। उसके बाद विभाग के कर्मचारियों ने रातीपरेशी से शांहुला, पढ़ारनी और लौउल पेयजल योजना को ठीक करने की कोशिश नहीं की। शांहुला गांव के लोगों को दो किलोमीटर दूर से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
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उन्होंने विभाग के अधिकारियों से मांग करते हुए कहा है कि पेयजल योजना को जल्द से जल्द आरंभ किया जाए, जिससे उन्हें पानी के लिए परेशानी न झेलनी पड़ी। इस संबंध में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के अधिशाषी अभियंता बीएल गुप्ता ने कहा कि कर्मचारियों को मौके पर भेजने के निर्देश दिए जाएंगे। जल्द ही बंद पड़ी स्कीम को चालू किया जाएगा। लोगों की समस्या का समाधान किया जाएगा।
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