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शिमला-हमीरपुर बनेंगे सौर ऊर्जा शहर: वीरभद्र
ब्यूरो, अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 05 Mar 2016 07:08 PM IST
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सीएम वीरभद्र सिंह ने बताया कि राजधानी शिमला को पायलट सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। (फाइल फोटो)
- फोटो : ब्यूरो
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि शिमला और हमीरपुर को सौर ऊर्जा शहर के रूप में विकसित करने की अंतिम योजना को भारत सरकार के नवीनीकरण एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय ने स्वीकृति दे दी है। मंत्रालय ने पंचायत भवन शिमला में 15 किलोवाट, रिज शिमला तथा पुराने बस अड्डे में 20 किलोवाट सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्वीकृति के बारे में सूचित किया है।
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शिमला को पायलट सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने हिम ऊर्जा और भारत सरकार के नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय की होटल होलीडे होम में सोलर सिटी कार्यक्रम के तहत हिमाचल में सौर ऊर्जा तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए हुई कार्यशाला का शुभारंभ किया।
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कहा कि ऊर्जा संकट से निपटने को जैव ईंधन, सौर, पवन और भूतापीय ऊर्जा जैसे अक्षय ऊर्जा स्रोतों का विवेकपूर्ण उपयोग किया जाना चाहिए। सतत ऊर्जा की बढ़ती मांग को सौर ऊर्जा प्रौद्योगिकी स्वच्छ अक्षय ऊर्जा स्रोत है। इसमें ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं। राज्य में अक्षय ऊर्जा तकनीकों को बढ़ावा देकर पर्यावरण में गिरावट, वन कटान कम करने को योजना बनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने माना था कि सौर ऊर्जा से ग्रामीण भारत में बदलाव आएगा।
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उन्होंने वर्ष 2010 में राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन आरंभ किया था। ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया, नगर निगम शिमला के महापौर संजय चौहान, उपमहापौर टिकेंद्र पंवर, हिम ऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कंवर भानु प्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की प्रक्रिया सरल- मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सौर ऊर्जा कार्यक्रम को बढ़ावा दे रही है। जनवरी 2016 में संशोधित सौर ऊर्जा नीति को अधिसूचित किया गया है, जो मार्च 2022 तक वैध है। राज्य में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल किया है।
सरकार लोगों को घर की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने को प्रोत्साहित कर रही है। इसके नियामन के लिए सरकार ने नेट मीट्रिंग नीति अधिसूचित की है। जनजातीय, दूरदराज क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध करवाने को स्पीति घाटी में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है।
सौर ऊर्जा उत्पादन में भारत का आठवां नंबर- भारत सरकार के नवीन एवं अक्षय ऊर्जा मंत्रालय में संयुक्त सचिव तरुण कपूर ने बताया कि देश में फरवरी 2016 तक 5547 मेगावाट के सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की गई हैं। वर्ष 2022 तक 1,00,000 मेगावाट सौर ऊर्जा प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में भारत सौर ऊर्जा उत्पादन में आठवें स्थान पर है।
स्पीति और लद्दाख क्षेत्र में सौर विकिरण की प्रचुर मात्रा में है। इसके हस्तांतरण क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है। सौर ऊर्जा की प्रति यूनिट लागत 4 से 5 रुपये हो गई है। जल विद्युत के स्थान पर अब सौर ऊर्जा तथा पवन ऊर्जा प्रचलन बढ़ा है। भारत आज संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान के बाद पवन ऊर्जा क्षेत्र में पांचवें स्थान पर है।