सोनीपत। पेपर सॉल्वर गैंग के तीन अन्य आरोपियों को एसटीएफ सोनीपत ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी सोनीपत के गांव सिकंदरपुर माजरा का सुनील, मूलरूप से गांव गोरड फिलहाल भगत सिंह कॉलोनी का मंजीत और झज्जर के खैरपुर गांव का रहने वाला विशाल है। इनमें मंजीत गैंग से जुडक़र पेपर पास करने के बाद रेलवे में नौकरी प्राप्त कर चुका है। विशाल यश बैंक में कर्मी है। तीसरा आरोपी सुनील कोचिंग सेंटर चलाता है।
एसटीएफ सोनीपत प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश देशवाल ने बताया कि पानीपत में दर्ज मुकदमे में सुनील, मंजीत व विशाल को गिरफ्तार किया गया है। पांचों को 6 अक्तूबर, 2021 को पानीपत के सेक्टर-13/17 थाना में पानीपत के सुरक्षा शाखा प्रभारी प्रमोद के बयान पर दर्ज मुकदमे में पकड़ा गया है। पेपर लीक को लेकर दर्ज किए गए मुकदमे में जांच के दौरान करीब 14 पेपर सॉल्व करने का मामला सामने आया था। इस मामले के आरोपी हैकिंग सॉफ्टवेयर का प्रयोग कर नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से पैसे लेते हैं। यह गिरोह वर्ष 2013 से चल रहा है। इस मामले के सरगना दिल्ली पुलिस के सिपाही रोबिन के साथ ही रूस के हैकर संग मिलकर पूरी लैब हैक कराने के आरोपी पलवल के गांव अतरचटा के राज सिंह उर्फ राज तेवतिया समेत 38 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपी मंजीत, सुनील व विशाल गैँग के सरगना रोबिन व अन्य से जुडक़र गैंग के लिए ही अभ्यर्थी लेकर आने लगे और कमीशन लेने लगे। इनमें मंजीत वर्ष 2018 में रेलवे में नौकरी लगा था। उसने गैंग के साथ मिलकर परीक्षा उत्तीर्ण की थी। विशाल यश बैंक की बहादुरगढ़ शाखा में कार्यरत है। सुनील ने गोहाना में दो कोचिंग सेंटर खोल रखे है। वह गैंग के मुख्य आरोपी रोबिन, धर्मेंद्र, सतीश व हरपाल से मिलकर उन्हें अभ्यर्थी देता था। वह कई युवाओं से पैसे लेकर उनके पेपर पास करा चुका है। तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।