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चाचा के साथ झगड़े की रंजिश में 12 साल की बच्ची को जलाकर मारने के दोषी को उम्रकैद

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2022 04:58 PM IST
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सिंह की अदालत ने कुंडली की शिवपुरी कॉलोनी में 12 साल की बच्ची को जलाकर मारने के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दोषी ने बच्ची के चाचा के साथ हुए झगड़े में बच्ची को अपने कमरे के अंदर जबरन उठाकर ले जाने के बाद दरवाजा बंद कर वारदात को अंजाम दिया था। बच्ची ने बाद में दम तोड़ दिया था।
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यूपी के जिला संभल के गांव कोट पुखी निवासी ओमप्रकाश ने 17 नवंबर, 2018 को कुंडली थाना पुलिस को बताया था कि वह अपनी बेटी तनीषा उर्फ तन्नू (12) व पत्नी के साथ फिलहाल कुंडली की शिवपुरी कॉलोनी में रहने वाले किराए पर रहता है। वह कुंडली की एक फैक्टरी में काम करता है। उसकी कॉलोनी में ही ग्राउंड फ्लोर पर उसका भाई महेश भी अपने परिवार के साथ किराए पर कमरा लेकर रह रहा है। उसने बताया था कि महेश के कमरे के सामने एक अन्य किराएदार अशोक भी रहता है। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई के सिमरा चौराहा का अशोक (18) अक्सर शराब पीता था और रोकने पर महेश के साथ झगड़ा करता रहता था। ओमप्रकाश ने पुलिस को बताया था कि अशोक ने 16 नवंबर, 2018 को महेश के साथ झगड़ा किया था। तब उसने बीच बचाव कर दिया था। इस पर अशोक ने उसे व उसके परिवार को भी मारने की धमकी दी थी। उसी दिन देर शाम उसकी बेटी तनीषा अपने चाचा के कमरे पर गई थी। इसी बीच उसे शोर सुनाई दिया था। वह नीचे गया तो उसके भाई महेश ने बताया था कि अशोक तनीषा को अपने कमरे में उठा ले गया है। उसने अपने कमरे के अंदर से दरवाजा बंद कर दिया था। उन्होंने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया था, लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया था। उन्होंने खिडक़ी से देखा था कि अशोक उसकी बेटी की पिटाई कर रहा था। इसी दौरान उसने कोई ज्वलनशील पदार्थ उसकी बेटी पर डाल दिया था और उसकी बेटी को जिंदा जलाने के लिए आग लगा दी थी। उन्होंने आसपास के लोगों की मदद से दरवाजे की कुंडी को तोड़ा और अंदर घुसे थे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था, लेकिन तब तक बच्ची के हाथ व कमर के नीचे का हिस्सा बुरी तरफ से झुलस गया था। बच्ची करीब 45 फीसदी झुलस गई थी। वह तनीषा को नरेला के सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में लेकर गए थे और भर्ती कराया था। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे एलएनजेपी अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया गया था। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। आग लगने से झुलसी तनीषा की 4 जनवरी, 2019 को मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में हत्या की धारा जोड़ दी थी।
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मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे शैलेंद्र सिंह की अदालत ने अशोक को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को भादंसं धारा 302 में उम्रकैद व 50 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। 
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