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मौके और रजिस्ट्री में जमीन का अंतर, बनेगा फांस
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रोहतक। गांधी कैंप के विस्थापितों की रजिस्ट्री को लेकर संकट खड़ा हो सकता है। जिसकी वजह जमीन स्वामियों द्वारा की गई रजिस्ट्री है।
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नगर निगम रेलवे एलिवेटेड ट्रैक के बराबर 15 फुट का सर्विस रोड बनाएगा। इसकी जद में 78 मकान, 13 खाली प्लॉट और 57 दुकान आ रहे हैं। इनको स्थापित करने की प्रक्रिया नगर निगम में शुरू कर दी है। इसके तहत निगम में जब मकान, प्लॉट और दुकान स्वामियों से रजिस्ट्री मांगी तो रजिस्ट्री और मौके पर मिली जमीन में अंतर आ रहा है। यह अंतर अधिकारियों के बीच में एक परेशानी का सबब बना हुआ है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि मिल्कियत के हिसाब से रजिस्ट्री में जितनी जमीन होगी उतनी ही जमीन की रजिस्ट्री की आएगी। इससे अतिरिक्त किसी को भी रजिस्ट्री नहीं दी जा सकती है। इस संबंध में संयुक्त नगर आयुक्त सुरेश कुमार का कहना है कि फिलहाल मिल्कियत के दस्तावेजों की जांच हो रही है। दस्तावेज में जितने भी जमीन होगी, उतनी ही जमीन की रजिस्ट्री की जाएगी। इसके अतिरिक्त जमीन नहीं दी जा सकती है।