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नियम 134 में दाखिला देने में सबसे पीछे है रेवाड़ी, कुरूक्षेत्र सबसे आगे
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रेवाड़ी। प्रदेश भर में नियम 134 ए के तहत परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थी निजी स्कूलों में दाखिला लेने के लिए भटक रहे हैं। निजी स्कूल बकाया राशि देने की मांग लेकर अड़े हुए हैं। वहीं प्रशासन व सरकार निजी स्कूलों पर कार्रवाई करने की बजाय अंतिम तिथि में बदलाव कर अभिभावकों को तसल्ली दे रही है। प्रदेश भर में एक माह के दौरान अभी तक 33.8 प्रतिशत ही दाखिले हुए हैं। नियम 134 ए तहत दाखिला देने पर रेवाड़ी पीछे है जबकि कुरूक्षेत्र जिले में अभी तक नियम 134 ए के तहत सबसे अधिक दाखिले हुए हैं।
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मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से 5 दिसंबर को स्क्रीनिंग परीक्षा का आयोजन किया गया था। वहीं 10 दिसंबर को परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था तथा 13 दिसंबर को पहला ड्रा निकला गया था। परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को 15 से 24 दिसंबर के बीच अलॉट हुए स्कूल में जाकर दाखिला लेने थे लेकिन निजी स्कूलों द्वारा बैठक आयोजित कर नियम 134 ए के तहत दाखिला देने से साफ मना कर दिया गया। निजी स्कूलों का कहना था कि जब तक उन्हें उनका पिछले सात साल का बकाया नहीं मिल जाता है, तब तक कोई भी निजी स्कूल नियम 134 एक के तहत दाखिला नहीं करेगा। वहीं प्रशासन ने केवल अभी तक कार्यवाही के नाम पर निजी स्कूलों को सिर्फ नोटिस ही भेजा है जबकि प्रदेश भर में अभिभावकों द्वारा नियम 134 ए के तहत दाखिला दिलाने की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगाए जा रहे हैं
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