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पंजाब यूनिवर्सिटी कागजों में ही बना रही कंपोस्ट, हकीकत में सड़ रहे पत्ते, 4 अप्रैल तक देना है जवाब

Mon, 16 Mar 2020 02:14 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Mon, 16 Mar 2020 02:14 PM IST
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punjab university remained compost in paper, in fact leaves are rotting
सड़क पर बिखरे पत्ते - फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी पेड़ों के पत्तों से कंपोस्ट खाद बना रहा है, जबकि हकीकत कुछ और है। यहां हर जगह पत्ते फैले हुए हैं। ये पत्ते उठाए नहीं जा रहे और यह सड़ रहे हैं। कई जगह पत्तों के ढेर भी लगे हैं। पूरा कैंपस पत्तों से ढका हुआ है। रविवार को स्टूडेंट सेंटर के आसपास का नजारा ऐसा ही रहा।
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कुछ दिनों पहले पीयू को पर्यावरण विभाग ने चिट्ठी लिखकर पूछा था कि पेड़ों के पत्तों का क्या किया जा रहा है। इनके उपयोग के बारे में 4 अप्रैल तक पीयू को जानकारी देनी है। पीयू ने उसी हिसाब से जवाब भी तैयार करने की योजना बनाई है।
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सूत्र कहते हैं कि जवाब में पीयू लिख रहा है कि इन पत्तों को एकत्रित करके कंपोस्ट खाद बनाई जा रही है। कई बार खाद बनाई भी गई है, जिसका प्रयोग कैंपस में किया जा रहा है। रविवार को जब हकीकत देखी तो अलग नजर आई।
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स्टूडेंट सेंटर के पास हर पेड़ के नीचे पत्ते बड़ी संख्या में गिरे मिले। साथ ही पानी भरे होने के कारण कुछ सड़ भी रहे थे। इसी के आसपास कई जगह पत्तों के ढेर लगे हैं। कैंपस में कई अन्य जगहों पर भी यही हाल दिखा।

डीयूआई प्रो. शंकरजी झा कहते हैं कि पेड़ों के पत्तों को एकत्रित किया जा रहा है ताकि खाद बनाई जा सके।
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