फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Private universities will join CRIKC corridor, punjab university will expand it

क्रिक कॉरिडोर का विस्तार करने जा रही है पंजाब यूनिवर्सिटी, इसमें शामिल होंगे निजी विश्वविद्यालय

Tue, 11 Feb 2020 03:10 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 11 Feb 2020 03:10 PM IST
विज्ञापन
Private universities will join CRIKC corridor, punjab university will expand it
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय क्रिक कॉरिडोर का विस्तार करने जा रहा है। इसमें प्राइवेट विश्वविद्यालय व कॉलेजों को भी शामिल किया जा रहा है। प्रस्ताव लगभग तैयार है। इसके लिए खुला प्रस्ताव दिया जाएगा, जो कॉलेज या यूनिवर्सिटी इसमें शामिल होंगी उन्हें इसके मानकों का पालन करना होगा।
विज्ञापन


क्रिक (चंडीगढ़ रीजन इनोवेशन एंड नॉलेज क्लस्टर) कॉरिडोर की स्थापना पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर के समय में हुई थी। पीयू ने बड़े-बड़े शिक्षण संस्थानों को इस कॉरिडोर में शामिल किया। उसका लाभ भी अब मिल रहा है। इन शिक्षण संस्थानों के 60 हजार से अधिक विद्यार्थी एक-दूसरे कॉलेजों में जाकर ज्ञान ले रहे हैं।
विज्ञापन


साथ ही संसाधनों का प्रयोग कर रहे हैं। इस कॉरिडोर का उद्देश्य है कि जिन संस्थानों में कम संसाधन हैं वहां के विद्यार्थी भी दूसरे कॉलेजों में जाकर संसाधनों का प्रयोग करें और नया ज्ञान ग्रहण करेंगे। अब शिक्षण संस्थान इस कॉरिडोर से और जोड़े जा रहे हैं। निजी क्षेत्र के संस्थानों को बुलावा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


बन रहे हैं नए नियम
क्रिक कॉरिडोर के संचालन के लिए नए नियम बनाने की तैयारी हो रही है। इसके लिए पीयू निदेशकों के साथ एक बैठक कर चुका है। अब अगली बैठक में इसे फाइनल कर दिया जाएगा। क्रिक कॉरिडोर की एक ही बस है, इसलिए स्टूडेंट्स की संख्या के मुताबिक एक और बस खरीदी जा सकती है। इस बस का खर्च सभी संस्थान मिलकर उठाएंगे।

सभी संस्थानों की लाइब्रेरी को जोड़ने की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि 29 शिक्षण संस्थानों की लाइब्र्रेरी को भी ऑनलाइन जोड़ने की तैयारी चल रही है। इन संस्थानों के विद्यार्थी किसी भी संस्थान में जाकर बुक इश्यू करा सकेंगे। जितनी ऑनलाइन किताबें होंगी वे भी विद्यार्थी एक पासवर्ड के जरिए पढ़ सकेंगे। 29 शिक्षण संस्थानों की संख्या को बढ़ाकर 50 तक ले जाने की तैयारी की जा रही है।


यह भी कहा जा रहा है क्रिक कॉरिडोर से जुड़े किसी भी संस्थान में कोई भी अच्छा विशेषज्ञ किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेता है तो उसका लाभ अन्य संस्थानों को भी दिलाया जाएगा। विदेश से आने वाले विशेषज्ञों का इस प्रणाली से खर्च भी निकल आएगा और उसके ज्ञान का लाभ सभी संस्थानों के विद्यार्थी ले सकेंगे।

ऐसा होने से लाखों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा और इस रीजन के ज्ञान का स्तर भी बढ़ेगा। यह कार्य एक से दो माह में पूरा करने की योजना बन रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed