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5 साल से नहीं मिली स्कॉलरशिप, पंजाब के हजारों विद्यार्थियों की धड़कनें बढ़ीं, पीयू डिग्री न रोक ले

Fri, 06 Dec 2019 01:35 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Fri, 06 Dec 2019 01:35 PM IST
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No scholarship to punjab students, punjab university
स्कॉलरशिप योजना - फोटो : अमर उजाला
पीयू से संबद्ध 170 से अधिक कॉलेजों में पंजाब के हजारों विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप अभी तक नहीं मिली है। ये विद्यार्थी पांच साल से इंतजार कर रहे हैं। इन्हें डर सता रहा है कि पीयू कहीं उनकी डिग्री या अन्य अभिलेख न रोक ले। वहीं पीयू भी शुल्क न आने के कारण परेशान है, इसके लिए रास्ता निकाले जाने की तैयारी की जा रही है।
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जानकारी के अनुसार पीयू का पंजाब सरकार का लगभग 14 करोड़ रुपये बकाया है। यह स्कॉलरशिप केंद्र सरकार के द्वारा पंजाब सरकार को भेजी जाती है और वह पीयू को भेजती है। उधर, विद्यार्थियों का कहना है कि केंद्र से स्कॉलरशिप की रकम मिल चुकी है। पंजाब सरकार उनकी पीड़ा को क्यों दूर क्यों कर रही है। आखिर वह रकम कहां गई।
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पंजाब के एससी, एसटी व बीसी के विद्यार्थियों को पीयू वर्ष 2014 से लेकर अब तक मुफ्त एडमिशन दिया है। इन विद्यार्थियों की फीस का भुगतान केंद्र सरकार को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के जरिये किया जाना था। शुरुआत में पंजाब सरकार ने 50 फीसदी स्कॉलरशिप शुल्क पीयू को दे दिया था, लेकिन बाद में यह रुकता चला गया।
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पांच साल से स्कॉलरशिप का पैसा पीयू के खजाने में नहीं आ रहा है। इसके कारण दिक्कतें बढ़ रही हैं। इस बार भी पंजाब सरकार ने पीयू से कहा कि विद्यार्थियों के दाखिले मुफ्त में कर लिए जाएं, स्कॉलरशिप के पैसे वह जल्द देंगे। अब तक यह रकम पीयू के खजाने में नहीं पहुंची। बताया जाता है कि लगभग 14 करोड़ रुपये पंजाब सरकार पर बकाया हैं।

छात्रों को इस बात का डर सता रहा है कि कहीं पीयू उनकी डिग्री या डिप्लोमा पर रोक न लगा दे। सूत्रों के मुताबिक पीयू को यदि पंजाब सरकार स्कॉलरशिप के जल्द पैसे नहीं देगी तो पीयू भी इसके लिए कुछ रास्ता अपना सकता है। डिग्रियां भी रोकी जा सकती हैं। इस बारे में पीयू के एफडीओ विक्रम नैयर से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

दो साल के आवेदनों का अता पता नहीं
वर्ष 2014-15 व वर्ष 2015-16 में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों ने स्कॉलरशिप के फार्म भरे थे। यह आवेदन एक विभाग को भेजे गए थे ताकि उनका ऑडिट हो सके और स्कॉलरशिप जारी हो सके। सूत्रों का कहना है कि अब विभाग को यह आवेदन नहीं मिल रहे हैं। साथ ही उस विभाग ने ऑडिट कराने से भी इंकार कर दिया है। अब पीयू खुद ऑडिट कराने की तैयारी कर रहा है।


वह भी आवेदनों की तलाश कर रहा है। बताया जाता है कि आवेदनों की एक कॉपी पीयू में रहती है, यदि वह मिल जाएगी तो विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप भी मिल जाएगी अन्यथा दिक्कतें बढ़ सकती हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि स्कॉलरशिप जब केंद्र सरकार से आ गई तो उस रकम से विद्यार्थियों की पीड़ा को दूर किया जाना चाहिए था, आखिर वह रकम कहां गई।
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