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पंजाब यूनिवर्सिटी का फैसला, एग्जाम में बैठाने के लिए कश्मीरी विद्यार्थियों से नहीं लेंगे अंडरटेकिंग
Thu, 12 Dec 2019 02:00 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 02:00 PM IST
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फाइल फोटो
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कश्मीरी विद्यार्थियों की कम हाजिरी होने पर अंडटेकिंग मांगने के मामले में पीयू प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के दखल के बाद पीयू ने अंडरटेकिंग लेकर एग्जाम में बैठने देने के आदेश को वापस ले लिया है। अब विद्यार्थी बिना लिखित में कुछ दिए ही एग्जाम में बैठ सकेंगे। इसी के साथ सैकड़ों विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली है।
कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया। इससे काफी समय तक आवागमन नहीं हो पाया। इसके कारण पीयू में शिक्षा पा रहे विद्यार्थी भी अपने घरों से पीयू नहीं पहुंच पाए। इन विद्यार्थियों की हाजिरी 75 फीसदी नहीं हो पाई। इसके कारण यह एग्जाम में नहीं बैठ पा रहे थे।
पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास मामला पहुंचा तो उन्होंने पीयू प्रशासन को आदेश दिए कि इन विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने दिया जाए। उसके बाद पीयू इसके लिए राजी हो गया, लेकिन विद्यार्थियों से यह लिखवाने के आदेश दिए कि कक्षा में गैर हाजिरी के दिनों में वह किसी हिंसा या प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे।
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यह बात फिर पंजाब सीएम को पता लगी तो उन्होंने फिर पीयू प्रशासन से बात की और इस आदेश को वापस लेने को कहा। उसके बाद पीयू प्रशासन बैकफुट पर आ गया। कश्मीरी विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए उन्हें एग्जाम में शामिल होने की अनुमति दे दी गई है। उनसे किसी प्रकार की कोई अंडरटेकिंग नहीं ली जाएगी - प्रो. शंकरजी झा, प्रभारी वाइस चांसलर
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कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने को लेकर घाटी में कर्फ्यू लगा दिया गया। इससे काफी समय तक आवागमन नहीं हो पाया। इसके कारण पीयू में शिक्षा पा रहे विद्यार्थी भी अपने घरों से पीयू नहीं पहुंच पाए। इन विद्यार्थियों की हाजिरी 75 फीसदी नहीं हो पाई। इसके कारण यह एग्जाम में नहीं बैठ पा रहे थे।
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पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास मामला पहुंचा तो उन्होंने पीयू प्रशासन को आदेश दिए कि इन विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने दिया जाए। उसके बाद पीयू इसके लिए राजी हो गया, लेकिन विद्यार्थियों से यह लिखवाने के आदेश दिए कि कक्षा में गैर हाजिरी के दिनों में वह किसी हिंसा या प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए थे।
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यह बात फिर पंजाब सीएम को पता लगी तो उन्होंने फिर पीयू प्रशासन से बात की और इस आदेश को वापस लेने को कहा। उसके बाद पीयू प्रशासन बैकफुट पर आ गया। कश्मीरी विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए उन्हें एग्जाम में शामिल होने की अनुमति दे दी गई है। उनसे किसी प्रकार की कोई अंडरटेकिंग नहीं ली जाएगी - प्रो. शंकरजी झा, प्रभारी वाइस चांसलर