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सीएए पर स्कूली छात्रों को मिला ज्ञान, जानिए पुलिस अफसर ने क्या कहा...

Mon, 20 Jan 2020 08:21 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Mon, 20 Jan 2020 08:21 PM IST
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women station incharge aware students for CAA in ss academy
एस एस एकेडमी में पुलिस पाठशाला में बच्चों को सीएए की जानकारी देतीं महिला थाना प्रभारी अर्चना सिंह। - फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर फैलाई जा रही किसी भी तरह की अफवाह से बचे। इस कानून से देश में रहने वाले किसी भी जाति के व्यक्ति की नागरिकता पर कोई आंच नहीं आएगी। खासकर सोशल मीडिया पर इसे लेकर भ्रामक सूचनाएं प्रचारित की जा रही हैं। संयम रखे, बिना सोचे समझे इसका इस्तेमाल करने पर आप मुसीबत में पड़ सकते हैं।
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ये बातें महिला थाना प्रभारी अर्चना सिंह ने अमर उजाला के ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ मुहिम के तहत एसएस एकेडमी विजय चौक पर आयोजित पुलिस की पाठशाला में कहीं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एक नई समस्या के रूप में उभरा है। जो लोग बिना सोचे समझे इसका इस्तेमाल करते हैं वे साइबर अपराध के शिकार हो रहे हैं। किसी पोस्ट को साझा करने और उसे लाइक करने से पहले उसके बारे में खूब अच्छी तरह समझ लेना जरूरी है। जानबूझकर की गई कोई भी गलती अपराध की श्रेणी में आती है। उन्होंने कहा कि लिंग और जाति के आधार पर भेदभाव अपराध की श्रेणी में आता है। लैंगिक विषमता को समाप्त करने के लिए प्रयास चल रहा है।
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उन्होंने ने कहा कि किसी भी अपराध को छिपाने का मतलब है कि अपराध को और भी बढ़ावा देना। खास तौर से महिलाओं के साथ होने वाली अपराधिक घटनाओं को कई बार लोकलाज के भय से छिपाने की कोशिश की जाती है। ऐसे अपराधों को छिपाने के बजाए महिलाओं को उससे मुकाबले के लिए तैयार होना चाहिए। तभी अपराध पर अंकुश लग सकेगा। इसके साथ ही छात्राओं को गुड टच और बैड टच, यातायात नियमों, वूमेन पॉवर लाइन 1090 और डॉयल 112 के बारे में जानकारी दी। कहा कि कोई परेशान करे तो घबराएं नहीं अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को बताएं। मनचले जेल के अंदर होंगे। पुलिस आप की दोस्त हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है।

प्रधानाचार्य डॉ. निशि अग्रवाल ने कहा कि अन्याय के खिलाफ खड़े होकर देखे, न्याय जरूर मिलेगा। अमर उजाला के अभियान की सराहना की। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय परिवार की प्रीति सरीन, अंकुर तिवारी, अनीता सिंह, रहमा, रत्नेश दुबे, संदीप गौरव का सराहनीय योगदान रहा। आखिर में विद्यार्थियों को नारी गरिमा के सम्मान की शपथ दिलाई गई।

विद्यार्थियों के सवालों का बेबाकी से दिया जवाब

पुलिस की पाठशाला में विद्यार्थियों ने बेबाक तरीके से महिला थाना प्रभारी से सवाल किए। सभी सवालों का उन्होंने जवाब भी दिया। सबसे ज्यादा सवाल यातायात व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और मोटर व्हिकिल एक्ट से जुड़े थे। वैष्णवी ने पूछा कि सड़के ही ठीक नहीं हैं तो यातायात व्यवस्था कैसे सुधरेगी। थाना प्रभारी ने कहा कि सड़कों की बदहाली से यातायात व्यवस्था में दिक्कत आती है।

सड़कों का निर्माण दूसरे विभागों की जिम्मेदारी है। पुलिस विभागों को सूचित करके सड़कों की मरम्मत के लिए कहती है। वाहनों की रफ्तार नियंत्रित रखने के लिए कई चौराहों पर सीसी कैमरा लगाए गए हैं। यातायात नियमों का उलंघन करने वालों का इसके माध्मय से ई-चालान किया जा रहा है।

मान्या पांडेय ने पूछा कि मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव के बाद भारी भरकम जुर्माना वसूल किया जा रहा है लेकिन दुष्कर्म के मामलों में पुलिस ऐसी तत्परता क्यों नहीं दिखाती। थाना प्रभारी ने कहा किसी भी अपराध के मामले में विधि सम्मत कार्रवाई की जाती है। सजा देने का काम अदालतों का है। आरोही, अस्मिता, अल्फी, सान्या, आयुषा ने  कहा कि रोडवेज की बसें यातायात नियमों को तोड़ती हैं लेकिन कार्रवाई नहीं होती तो उन्होंने कहा कि सबके लिए कानून एक जैसा है। चाहे वह रोडवेज हो या प्राइवेट वाहन चालक।
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