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सीबीएसई के प्रैक्टिकल में 28 या इससे ज्यादा नंबर मिले तो कॉपी का होगा दोबारा मूल्यांकन
Thu, 23 Jan 2020 11:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jan 2020 11:25 AM IST
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सीबीएसई बोर्ड
- फोटो : Self
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के प्रैक्टिकल में 28 या इससे ज्यादा नंबर मिलने पर विद्यार्थियों की कॉपी का दोबारा मूल्यांकन किया जाएगा। वहीं प्रैक्टिकल के साथ-साथ थ्योरी में मिलने वाले नंबरों पर भी बोर्ड की निगाह होगी। अगर किसी छात्र को प्रैक्टिकल में 28 से ज्यादा नंबर मिलता है और बोर्ड परीक्षा (थ्योरी) में कम नंबर मिलते हैं तो ऐसे विद्यार्थियों की कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन होगा। वहीं स्कूल प्रबंधन के ऊपर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नियम के मुताबिक बोर्ड परीक्षा में 75 फीसदी उपस्थिति विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है। मगर विद्यार्थी प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश लेकर कोचिंग सेंटर से मेडिकल, इंजीनियरिंग की तैयारी करने चले जाते हैं। स्कूल प्रबंधन को मोटी रकम देने के एवज में विद्यार्थियों की उपस्थिति बना दी जाती है। वहीं प्रैक्टिकल में मनमाफिक नंबर भी मुहैया कराए जाते हैं।
शिकायत मिलने के बाद से बोर्ड ने इस प्रवृति को रोकने के लिए सत्र 2019-20 के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। एक तरफ जहां बोर्ड ने इसे गंभीरता से लेते हुए पहली बार फोटो भेजने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्कूलों को प्रैक्टिकल में 100 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी क्योंकि दोबारा किसी भी छात्र को मौका नहीं मिलेगा। प्रायोगिक परीक्षाएं सात फरवरी तक चलेंगी।
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नियम के मुताबिक बोर्ड परीक्षा में 75 फीसदी उपस्थिति विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है। मगर विद्यार्थी प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश लेकर कोचिंग सेंटर से मेडिकल, इंजीनियरिंग की तैयारी करने चले जाते हैं। स्कूल प्रबंधन को मोटी रकम देने के एवज में विद्यार्थियों की उपस्थिति बना दी जाती है। वहीं प्रैक्टिकल में मनमाफिक नंबर भी मुहैया कराए जाते हैं।
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शिकायत मिलने के बाद से बोर्ड ने इस प्रवृति को रोकने के लिए सत्र 2019-20 के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। एक तरफ जहां बोर्ड ने इसे गंभीरता से लेते हुए पहली बार फोटो भेजने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्कूलों को प्रैक्टिकल में 100 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी क्योंकि दोबारा किसी भी छात्र को मौका नहीं मिलेगा। प्रायोगिक परीक्षाएं सात फरवरी तक चलेंगी।
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एक जनवरी से सात फरवरी तक चलेगा प्रैक्टिकल
सीबीएसई के दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं एक जनवरी से ही शुरू हो गई है। सात फरवरी तक परीक्षाओं का आयोजन होगा। कई विद्यालयों पर प्रैक्टिकल चल रहा है। नई नियमों के मुताबिक स्कूलों को आंतरिक एवं बाह्य परीक्षकों, पर्यवेक्षक संग 20-20 के बैच में छात्र-छात्राओं की ग्रुप फोटो बोर्ड को भेजी जा रही है। सभी स्कूलों को निर्देशित किया है कि बोर्ड की वेबसाइट पर स्कूल की आईडी से जो फोटो भेजें उसमें सभी के चेहरे साफ होने चाहिए।
स्कूल की लैब मेें बच्चों के साथ भेज रहे फोटो
स्कूल की लैब में खिंची स्पष्ट फोटो भेजी जा रही है। सॉफ्टवेयर से यह तय किया जाएगा की फोटो जियोटैग और टाइमटैग है। अन्य सूचनाएं जैसे बैच नंबर, बैच की संख्या दिन और समय आदि लिंक पर साझा करनी होगी। बाह्य परीक्षक प्रैक्टिकल से एक दिन पहले लैबोरेट्री का निरीक्षण करेंगे और यदि कोई कमी है तो प्रधानाचार्य से संपर्क कर उसे दूर कराएंगे।
नॉन स्कूलिंग शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रही है। इसे रोकने में ये काफी मददगार होगा। सीबीएसई ने पहली बार प्रायोगिक परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राओं की फोटो आंतरिक एवं बाह्य परीक्षक संग भेजने के निर्देश दिए हैं। पहले यह व्यवस्था नहीं थी।
अजय शाही, अध्यक्ष गोरखपुर पब्लिक स्कूल एसोसिएशन
स्कूल की लैब मेें बच्चों के साथ भेज रहे फोटो
स्कूल की लैब में खिंची स्पष्ट फोटो भेजी जा रही है। सॉफ्टवेयर से यह तय किया जाएगा की फोटो जियोटैग और टाइमटैग है। अन्य सूचनाएं जैसे बैच नंबर, बैच की संख्या दिन और समय आदि लिंक पर साझा करनी होगी। बाह्य परीक्षक प्रैक्टिकल से एक दिन पहले लैबोरेट्री का निरीक्षण करेंगे और यदि कोई कमी है तो प्रधानाचार्य से संपर्क कर उसे दूर कराएंगे।
नॉन स्कूलिंग शिक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रही है। इसे रोकने में ये काफी मददगार होगा। सीबीएसई ने पहली बार प्रायोगिक परीक्षा में शामिल छात्र-छात्राओं की फोटो आंतरिक एवं बाह्य परीक्षक संग भेजने के निर्देश दिए हैं। पहले यह व्यवस्था नहीं थी।
अजय शाही, अध्यक्ष गोरखपुर पब्लिक स्कूल एसोसिएशन