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नन्हा कलाम : मॉडलों में झलका ‘कलाम’ के आधुनिक भारत का अक्स, 140 उत्कृष्ट विद्यार्थी चुने
Fri, 07 Feb 2020 09:57 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Fri, 07 Feb 2020 09:57 PM IST
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वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले 141 नन्हें कलामों का चयन किया गया।
- फोटो : अमर उजाला
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क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से आयोजित ‘नन्हा कलाम’ प्रतियोगिता का शुक्रवार को रैंपस स्कूल में समापन हो गया। तीन दिनों तक हुई प्रतियोगिता में वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले 141 नन्हें कलामों का चयन किया गया। इस दौरान आयोजित मॉडल प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपने मॉडलों में महान वैज्ञानिक डॉ. अब्दुल कलाम के आधुनिक भारत की सोच को उतारकर वाहवाही बटोरी। मुख्य अतिथि सहजनवां के विधायक शीतल पांडेय ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के मॉडलों में उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा की झलक साफ तौर पर नजर आती है। जल्द ही हमारा देश वैज्ञानिकों के मामले में भी और समृद्ध हो जाएगा। इन भावी वैज्ञानिकों की सोच से ही देश को आगे ले जाया जा सकता है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार मिश्र ने कहा कि आधुनिक तकनीक से समय की बचत होती है।
हमें अपनी खोज को ऐसे तैयार करना होगा जिससे पर्यावरण को बिल्कुल ही नुकसान नहीं हो। क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर रैंपस के प्रबंधक विवेक श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य राजकुमार श्रीवास्तव, प्रो. आरपी ओझा, प्रो. आरपी शुक्ला, प्रो. बीबी उपाध्याय, डॉ. एसपी त्रिपाठी और डॉ. शेखर सिंह, वेद पांडेय, एजुकेशन अमर पाल सिंह, सुरेश कुमार, अशोक कुमार मिश्र, पप्पूलाल आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के मॉडलों में उनकी वैज्ञानिक प्रतिभा की झलक साफ तौर पर नजर आती है। जल्द ही हमारा देश वैज्ञानिकों के मामले में भी और समृद्ध हो जाएगा। इन भावी वैज्ञानिकों की सोच से ही देश को आगे ले जाया जा सकता है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार मिश्र ने कहा कि आधुनिक तकनीक से समय की बचत होती है।
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हमें अपनी खोज को ऐसे तैयार करना होगा जिससे पर्यावरण को बिल्कुल ही नुकसान नहीं हो। क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर रैंपस के प्रबंधक विवेक श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य राजकुमार श्रीवास्तव, प्रो. आरपी ओझा, प्रो. आरपी शुक्ला, प्रो. बीबी उपाध्याय, डॉ. एसपी त्रिपाठी और डॉ. शेखर सिंह, वेद पांडेय, एजुकेशन अमर पाल सिंह, सुरेश कुमार, अशोक कुमार मिश्र, पप्पूलाल आदि मौजूद रहे।
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विजेता को 21 हजार का नकद पुरस्कार
चुने हुए 140 विद्यार्थी 28 फरवरी को क्षेत्रीय नक्षत्रशाला में आयोजित एक और प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। यहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 विद्यार्थियों को नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। प्रथम स्थान हासिल करने वाले मेधावी को 21 हजार, 11 हजार और 5500 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
इन्होंने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
जूनियर वर्ग - उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में माउंट लिट्रा जी स्कूल के उत्कर्ष चंद्र बच्छल, लिटिल फ्लावर स्कूल की अंजली मिश्रा और वंश आर्या ने सर्वाधिक अंक हासिल किया।
सीनियर वर्ग - श्रेष्ठ अंक हासिल करने वालों में जनार्दन सलोनी इंटर कॉलेज की सलोनी जायसवाल, एमपी इंटर कॉलेज के सुधीर कुशवाहा, एएच मेमोरियल गोला की हर्षिता राय अव्वल रहीं।
सचल नक्षत्रशाला में देखी ब्रह्मांड की दुनिया
रैंपस में हुई प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति ललक जगाने के लक्ष्य से सचल नक्षत्रशाला और टेलीस्कोप लगाई गई थी। एक-एक कर सभी विद्यार्थियों ने इनके माध्यम से ब्रह्मांड की अनोखी दुनिया देखी।
एप से जानें कचरे को जैविक खाद बनाने का तरीका
मॉडल प्रदर्शनी में माउंट लिट्रा जी स्कूल के छात्र उत्कर्ष चंद्र बच्छल की ओर से तैयार किया गया मोबाइल एप आकर्षण का केंद्र रहा। उत्कर्ष ने तकनीक के इस्तेमाल से ऐसी एप बनाई है जिसे मोबाइल में इंस्टाल करने के बाद आप घरों में एकत्र होने वाले गीले और सूखे कचरे को वर्गीकृत कर सकते हैं। वहीं जैविक खाद बनाने की पूरी प्रक्रिया को जान सकते हैं। वहीं एडी गर्ल्स इंटर कॉलेज की तृप्ति मिश्रा के वर्षा जल संचयन डिवाइस ने भी लोगों का प्रभावित किया।
इन्होंने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
जूनियर वर्ग - उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में माउंट लिट्रा जी स्कूल के उत्कर्ष चंद्र बच्छल, लिटिल फ्लावर स्कूल की अंजली मिश्रा और वंश आर्या ने सर्वाधिक अंक हासिल किया।
सीनियर वर्ग - श्रेष्ठ अंक हासिल करने वालों में जनार्दन सलोनी इंटर कॉलेज की सलोनी जायसवाल, एमपी इंटर कॉलेज के सुधीर कुशवाहा, एएच मेमोरियल गोला की हर्षिता राय अव्वल रहीं।
सचल नक्षत्रशाला में देखी ब्रह्मांड की दुनिया
रैंपस में हुई प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति ललक जगाने के लक्ष्य से सचल नक्षत्रशाला और टेलीस्कोप लगाई गई थी। एक-एक कर सभी विद्यार्थियों ने इनके माध्यम से ब्रह्मांड की अनोखी दुनिया देखी।
एप से जानें कचरे को जैविक खाद बनाने का तरीका
मॉडल प्रदर्शनी में माउंट लिट्रा जी स्कूल के छात्र उत्कर्ष चंद्र बच्छल की ओर से तैयार किया गया मोबाइल एप आकर्षण का केंद्र रहा। उत्कर्ष ने तकनीक के इस्तेमाल से ऐसी एप बनाई है जिसे मोबाइल में इंस्टाल करने के बाद आप घरों में एकत्र होने वाले गीले और सूखे कचरे को वर्गीकृत कर सकते हैं। वहीं जैविक खाद बनाने की पूरी प्रक्रिया को जान सकते हैं। वहीं एडी गर्ल्स इंटर कॉलेज की तृप्ति मिश्रा के वर्षा जल संचयन डिवाइस ने भी लोगों का प्रभावित किया।