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मिड-डे-मील की थाली में पहुंचीं खास तरह से उगाई पौष्टिक सब्जियां, ऐसे हुई थी पहल

Sun, 15 Mar 2020 08:52 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 15 Mar 2020 08:52 AM IST
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Mid-day-meal special-grown nutritious vegetables reached on plate
मीड डे। फाइल - फोटो : अमर उजाला।

परिषदीय विद्यालय के बच्चों के मिड-डे-मील की थाली में पौष्टिक सब्जियां पहुंचाने की मुहिम रंग लाने लगी है। एक साल के अंदर-अंदर 1236 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों ने अपने यहां मौजूद खाली जमीन पर पोषण उद्यान को विकसित कर न केवल पालक, लौकी, पत्ता गोभी, कद्दू, नेनुआ, भिंडी सरीखी मौसमी सब्जियां उगानी शुरू कर दी हैं बल्कि विद्यालयों में बनने वाले मिड-डे-मील में इनका इस्तेमाल भी शुरू हो गया है।

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बच्चों के लिए स्वास्थ्यवर्धक आहार सुनिश्चित करने और उन्हें बागवानी से परिचित कराने के लिए सरकार ने पूर्व में परिषदीय विद्यालयों मे किचन गार्डन बनाने का फैसला लिया था। ज्यादातर मामलों में निगरानी न होने और कोई योजनाबद्ध क्रियान्वयन न होने के कारण यह कुछ स्कूलों तक ही सीमित रहा और एक या दो सब्जियां ही इसमें उगाई जा रही थीं।
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योजना परवान न चढ़ी तो मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पिछले वर्ष इसे पोषण उद्यान के रूप में बदल दिया। जिले में 2985 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय मौजूद हैं। इन विद्यालयों में डेढ़ लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
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नहीं मिली सरकारी मदद
पोषण उद्यान को विकसित करने के लिए सभी विद्यालयों को पांच-पांच हजार रुपये की धनराशि आवंटित की जानी थी। मगर बजट न मिलने की वजह से स्कूलों को धनराशि नहीं दी जा सकी। 1236 विद्यालयों के शिक्षकों ने खुद के प्रयासों से अपने यहां पोषण वाटिका को विकसित किया है।


बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों ने व्यक्तिगत प्रयासों से उनके विद्यालयों में पोषण विद्यान विकसित किया है। बाकि बचे स्कूलों के अध्यापकों को भी इसे विकसित करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।  


 
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