फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Getting grants to promote organic farming

Exclusive: जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए मिल रहा अनुदान, प्रति एकड़ के हिसाब से मिलता है रुपया

Mon, 27 Dec 2021 03:51 PM IST
vivek shukla टीपी शाही, गोरखपुर।
टीपी शाही, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 27 Dec 2021 03:51 PM IST
सार

गोरखपुर जिले में 472 किसान एक हजार एकड़ में जैविक खेती कर रहे हैं। प्रति एकड़ के हिसाब से 10 से 12 हजार रुपये अनुदान मिलते हैं।

विज्ञापन
Getting grants to promote organic farming
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत 1000 एकड़ खेत में जैविक खेती की जा रही है। इनमें से 500 एकड़ जैविक खेती कैंपियरगंज में तथा 250-250 एकड़ पिपराइच एवं सहजनवां में हो रही है। जैविक खेती के काम में जनपद के 472 किसान लगे हैं। सरकार की तरफ से किसानों को 10 से 12 हजार रुपये अनुदान प्रति एकड़ के हिसाब से दिया जा रहा है।

विज्ञापन


सरकार की तरफ से जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों को रसायन का विकल्प बताया जा रहा है। पहली बार जैविक खेती करने पर किसान को नुकसान होगा। इसकी भरपाई सरकार की तरफ से की जा रही है। खेतों में पोषक तत्व के लिए डाई यूरिया, पोटास जैसे पोषक तत्व का विकल्प के लिए लिक्विड वाई फर्टिलाइजर किसान तैयार करता है।

विज्ञापन

ऐसे बनता है वनस्पति अर्क

जब फसलों में कीट लग जाते हैं तो उसकी वजह से बहुत नुकसान होता है। इसकी रोकथाम के लिए जैविक खेती में कीटनाशक का विकल्प भी तैयार किया गया है। इसके लिए नीम, धतूरा, अमरूद की पत्नी आदि मिलाकर उसका अर्क तैयार हेता है। कीट लगने पर फसलों में उनका छिड़काव किया जाता है। उससे कीटों से फसल का बचाव किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन


 

जैविक खेती के लिए किसानों को दी जाती है ट्रेनिंग

जैविक खेती के लिए जिस ब्लॉक का चयन किया गया है, वहां के किसानों को इसके लिए ट्रेनिंग दी जाती है। साल में तीन बार मेला लगता है। जहां पर किसान अपना उत्पाद लेकर आते है। कृषि विभाग की तरफ से 20 हेक्टेयर का एक ग्रुप बनाया गया है। उसमें जितने भी किसान आते हें उनकी ट्रेनिंग होती है। उनको जैविक खेती करने की जानकारी दी जाती है।

धान, गेहूं व सब्जी की खेती कर रहे किसान

जैविक खेती में किसान धान, गेहूं, सब्जी की खेती कर रहे हैं। किसान का उत्पादन बेचने के लिए कृषि विभाग मेले का आयोजन करता है। इसके अलावा कई कंपनियों को भी आमंत्रित किया गया है। लेकिन, अधिकतर किसान अपने स्तर पर अपना उत्पाद बेचते हैं। इसलिए अभी उन्हें बाजार की आवश्यकता नहीं महसूस हो रही है।

जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जैविक खेती के प्रति प्रधानमंत्री काफी गंभीर हैं। पीएम ने गुजरात से जैविक खेती के बारे में लोगों को बताया। जनपद में अभी एक हजार एकड़ में जैविक खेती हो ही है। जिसे और बढ़ाया जाएगा। जैविक उत्पाद खाने से लोग स्वस्थ रहेंगे। साथ ही पर्यावरण भी ठीक रहेगा। इसलिए किसान रसायन की जगह जीवामृत व अन्य का प्रयोग खेत में बुआई करते समय करें।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed