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गोविवि: वार्षिक परीक्षाओं को लेकर तैयारियां तेज, सीएम की समीक्षा के बाद तय होंगे परीक्षा केंद्र

Thu, 16 Jan 2020 10:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 16 Jan 2020 10:04 AM IST
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cm meeting exam gorakhpur university
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में 25 फरवरी से शुरू होने वाली वार्षिक परीक्षाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई है। वेब कास्टिंग के जरिए ऑनलाइन मानीटरिंग के लिए 175 महाविद्यालयों ने सीसीटीवी कैमरों को राउटर से जोड़ दिया है। शेष महाविद्यालयों को सप्ताह भर का समय दिया गया है। फरवरी के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शिक्षामंत्री दिनेश शर्मा वीडियो कांफ्रेंसिंग कर तैयारियों की समीक्षा करेंगे। उसके बाद परीक्षा केंद्र तय होंगे।
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मुख्यमंत्री की समीक्षा में कुलपति प्रो वीके सिंह, कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश, परीक्षा नियंत्रक डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह के साथ ही क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सभी परीक्षा की तैयारियों का बिंदुवार रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। सूत्रों के मुताबिक जिन महाविद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाने की संस्तुति की जाएगी, सीएम उसमें से एक या दो महाविद्यालयों का भौतिक सत्यापन भी करा सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने महाविद्यालयों को सीसीटीवी कैमरे को राउटर से जोड़ने का निर्देश दिया था। पहले 10 जनवरी तक समय दिया गया था लेकिन गोरखपुर महोत्सव और छुट्टियों के चलते समयसीमा बढ़ा दी गई है। वहीं दो लाख 20 हजार परीक्षा फार्म जमा हो चुके हैं। अभी परीक्षा फार्म जमा करने का समय बाकी है। माना जा रहा है कि करीब ढाई लाख विद्यार्थी परीक्षा देंगे।
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क्या है राउटर

राउटर एक ऐसा यंत्र है जो असवाज के साथ लाइव वीडियो को इंटरनेट के जरिए प्रसारित करता है। इसे सीसीटीवी कैमरे के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) से जोड़ा जाता है।
अपने दफ्तर में ऑनलाइन मानीटरिंग करेंगे अधिकारी

नकल को रोेकने के लिए इस बार नई व्यवस्था की गई है। उच्च क्षेत्रीय शिक्षाधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनका कार्यालय मुख्य सेंटर रहेगा। अधिकारी अपने कार्यालय में ही बैठकर लाइव वीडियो देखकर मानीटरिंग करेंगे। मुख्यमंत्री भी प्रत्येक जिले में परीक्षा के केंद्रों के पर्यवेक्षण के लिए एक प्रशासनिक अधिकारी को नामित करेेंगे।

यह हैं मुख्य निर्देश

- परीक्षा केंद्र के लिए चुने गए महाविद्यालयों के मुख्य द्वार सहित प्रत्येक परीक्षा कक्ष में वायस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
- इन सीसीटीवी कैमरों को राउटर डिवाइस से जोड़ा जाएगा ताकि लाइव वीडियो वेब कास्टिंग हो सके।
- प्रत्येक परीक्षा कक्ष में न्यूनतम दो सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। यदि कमरे का आकार बड़ा है तो इस तरह कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और ऐसे लगाए जाएंगे कि हर जगह की निगरानी हो सके।
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एडेड कॉलेज भी बन सकते हैं केंद्र

परीक्षा केंद्रों के चयन में पहले राजकीय महाविद्यालय और अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों का चयन होगा। इसके बाद भी परीक्षा केंद्र की जरूरत पड़ी तो स्व वित्तपोषित महाविद्यालय को चुना जाएगा। पिछले वर्ष 270 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन होगा
परीक्षा नियंत्रक डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की समीक्षा के बाद परीक्षा केंद्र तय कर लिए जाएंगे। जितने भी महाविद्यालय परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे, वहां कमरों में वॉयस रिकार्डर युक्त सीसीटीवी कैमरा, छात्रों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय और बिजली आदि की व्यवस्था जांची जाएगी।
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