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गुस्से पर कंट्रोल करना सिखाएगी CBSE: गलती पर डांटेंगे नहीं, मुस्कुराएंगे शिक्षक

Fri, 03 Jan 2020 10:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Fri, 03 Jan 2020 10:54 AM IST
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cbsc teacher student gorakhpur
सीबीएसई
गुस्सा आना सामान्य बात है। लेकिन जब यह नियंत्रण से बाहर हो जाता है तो विनाशकारी हो जाता है। अनियंत्रित गुस्से की वजह से सामाजिक, व्यक्तिगत और भावनात्मक रूप से विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को कई नुकसान उठाने पड़ते हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने इसका संज्ञान लेकर अब स्कूलों को क्रोध मुक्त जोन (एंगर फ्री जोन) बनाने का फैसला किया है।
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सीबीएसई के मुताबिक शिक्षक, बच्चों को गलती पर उन्हें डांटने के बजाय मुस्कुराकर और शांति से समस्या को दूर करेंगे। अपने गुस्से पर काबू रखने के लिए शिक्षकों को श्वांस संबंधी व्यायाम सिखाया जाएगा, इससे उनका दिमाग भी स्वस्थ रहेगा। इसका आदेश शहर के सीबीएसई से संचालित 103 स्कूलों में पहुंच गया है।
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बोर्ड का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को मानसिक तौर पर सक्रिय और स्वस्थ रहने में मदद मिलेगी। इससे वे खुश होकर घर जा सकेंगे और अगले दिन तनाव मुक्त होकर स्कूल वापस आना चाहेंगे। स्कूल के प्रशासक, शिक्षक, कर्मचारी और अभिभावक अपने गुस्से पर काबू रखने की कोशिश करेंगे। वही, बच्चों को फ्रीडम फ्रॉम एंगर (गुस्से से आजादी) की अहमियत समझाएंगे।
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बोर्ड ने स्कूलों को एंगर फ्री जोन बनाने का निर्णय लिया है। इसका मकसद बच्चों के अंदर से भय को दूर भगाना है ताकि वे पढ़ाई को बोझ समझने की बजाय उसका आनंद ले सकें। आदेश मिला है इसे लागू किया जाएगा।
-विशाल त्रिपाठी, प्रधानाचार्य, आर्मी पब्लिक स्कूल
 

स्कूलों को ये करना होगा

- स्कूलों पर अपने परिसर में एंगर फ्री जोन का बोर्ड लगाना होगा।
- निगरानी की जिम्मेदारी एक शिक्षक को सौंपी जाएगी।
- स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान व्यायाम, खेल को प्रमुखता देनी होगी। अनुभव को रिकॉर्ड करना होगा।
- सोशल मीडिया पर अपने विद्यालय के एंगर फ्री जोन होने का प्रचार करना होगा।
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