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यूपी बोर्ड : सामान्य हिंदी की जगह बांट दिया साहित्यिक का पेपर, परीक्षार्थी परेशान

Thu, 20 Feb 2020 11:01 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 20 Feb 2020 11:01 AM IST
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UP board exam Literary paper was distributed instead of general Hindi paper in Gorakhpur
परीक्षा देती छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा (यूपी बोर्ड) की ओर से आयोजित इंटरमीडिएट हिंदी की परीक्षा में मंगलवार को बड़ी चूक सामने आई है। जहां कक्ष निरीक्षक की लापरवाही से विज्ञान वर्ग की नौ छात्राओं को सामान्य हिंदी की जगह साहित्यिक हिंदी का प्रश्नपत्र बांट दिया गया। छात्राओं ने जब गलत प्रश्नपत्र मिलने की जानकारी कक्ष निरीक्षक को दी तो आरोप है कि उन्हें डांट कर चुप करा दिया गया। वहीं परीक्षा खत्म होने पर केंद्र व्यवस्थापक से शिकायत करने गईं तो उन्हें कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठने की सलाह देकर पल्ला झाड़ लिया। साथ ही इसकी सूचना जिले के वरिष्ठ अधिकारियों तक को नहीं दी गई।

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 यूपी बोर्ड के तहत मंगलवार से ही हाईस्कूल और इंटर के परीक्षाओं की शुरुआत हिंदी विषय से हुई है। दोपहर में पिपरौली ब्लॉक के खानिमपुर इंटर कॉलेज में इंटर हिंदी की परीक्षा हो रही थी। आरोप है कि कमरा नंबर एक में परीक्षा देने के लिए 38 छात्राओं के बैठने की व्यवस्था की गई थी। मगर कक्ष निरीक्षक ने विज्ञान वर्ग की छात्राओं को सामान्य हिंदी की जगह साहित्यिक हिंदी का प्रश्न पत्र बांट दिया। छात्राओं ने विरोध किया तो उन्हें सही प्रश्न पत्र देने की बात कह कर शांत करा दिया गया।
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प्रश्न पत्र पर लिखा होता कोड
प्रश्नपत्र के ऊपर स्पष्ट रूप से कोड अंकित होता है। जो ये बताने के लिए काफी होता है कि वो किस विषय का है। मगर कक्ष निरीक्षक से लगायत केंद्र व्यवस्थापक की ओर से इसे मिलाने की जरूरत नहीं समझी गई। थोड़ी सी सजगता से इसे रोका जा सकता था।
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विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को मिलता है सामान्य हिंदी का प्रश्नपत्र
नियम के मुताबिक इंटर की परीक्षा में विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों को सामान्य हिंदी का प्रश्न पत्र देना होता है। वहीं कला वर्ग के विद्यार्थियों को साहित्यिक हिंदी की परीक्षा देनी होती है।

पिछले साल की गड़बड़ी से भी नहीं लिया सबक

सत्र 2018-19 की बोर्ड परीक्षाओं के दौरान मोतीलाल इंटर कॉलेज दुघरा के कमरा नंबर 19 में इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को दूसरी पाली की परीक्षा में सामान्य हिंदी की जगह पर हिंदी और हिंदी की जगह पर सामान्य हिंदी का पेपर बांट दिया गया था। इस मामले में केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक, दोनों को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद भी इस बार सतर्कता नहीं बरती गई।

कॉपियां सील होने के बाद छात्राओं को हुई जानकारी
खानिमपुर इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य ध्रुव कुमार चंद्रा ने कहा कि दो कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी कमरे में लगी थी। मगर एक केंद्र निरीक्षक की अनुपलब्धता के चलते परीक्षा का पूरा भार एक कक्ष निरीक्षक पर आ गया। उन्होंने छात्राओं से पूछकर प्रश्नपत्र का वितरण किया। छात्राओं ने पूरा पेपर दिया, कोई विरोध नहीं किया। जब कॉपियां सील होकर भेज दी गई तो छात्राओं को गलती का एहसास हुआ।

जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने कहा कि छात्राओं के साथ अन्याय नहीं होगा। केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच खुद अपने स्तर से कराऊंगा।

67 विद्यार्थियों ने छोड़ी परीक्षा
यूपी बोर्ड के अंतर्गत आयोजित हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा में बुधवार को 67 विद्यार्थियों ने परीक्षा नहीं दी। प्रथम पाली के हाईस्कूल में अरबी, फारसी परीक्षा में सात विद्यार्थी पंजीकृत थे। द्वितीय पाली में हाईस्कूल में संगीत गायन परीक्षा में पंजीकृत 179 विद्यार्थियों में 168 परीक्षा में सम्मिलित हुए। 11 ने परीक्षा छोड़ दी। प्रथम पाली में इंटर संगीत गायन में पंजीकृत सभी 90 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इंटर द्वितीय पाली में सामान्य आधारिक विषय और एग्रोनामी परीक्षा में 1717 छात्र-छात्रा पंजीकृत थे। 1661 उपस्थित रहे, वहीं 56 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
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