यूपी बोर्ड: पहले दिन 18225 कॉपियों का ही हो सका मूल्यांकन, ये है बड़ी वजह
- स्थगित मूल्यांकन कार्य की मंगलवार से हुई शुरुआत, 30 फीसदी परीक्षक हुए शामिल
- दो मूल्यांकन केंद्रों पर अव्यवस्था होने का आरोप
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से यूपी बोर्ड के दसवीं और बारहवीं की कॉपियों के मूल्यांकन की शुरुआत मंगलवार को शहर के पांच केंद्रों पर हुई। पहले दिन दूरदराज से आने वाले शिक्षकों के केंद्र पर न पहुंचने की वजह से महज 30 फीसदी शिक्षक ही मूल्यांकन कार्य में शामिल हुए जिससे 18225 कॉपियों का ही मूल्यांकन किया जा सका।
इस दौरान शिक्षक संगठनों की ओर से एमपी इंटर कॉलेज और सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज में कोरोना से बचाव को लेकर जारी शासकीय गाइड लाइंस का पालन नहीं कराए जाने पर विरोध दर्ज कराया गया। इस बीच पदाधिकारियों की डीआईओएस से बहस भी हुई।
जिस वजह से दोनों ही केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य दोपहर 12 बजे के बाद शुरू हो सका। शिक्षकों के विरोध की सूचना पाकर पहुंचे संयुक्त शिक्षा निदेशक योगेंद्र नाथ सिंह ने जब सख्ती की, तब जाकर शिक्षकों के तेवर नरम हुए। उसके बाद मूल्यांकन कार्य शुरू हो सका।
साथियों के सोशल डिस्टेंसिंग की चिंता, मगर खुद भूले
विरोध दर्ज कराने वालों में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक (संघ शर्मा) गुट के डॉ. दिग्विजयनाथ पांडेय, मंत्री श्याम नारायण सिंह, ज्ञानेश राय, अविनाश मिश्रा, सुनील राय, बालेश्वर पांडेय आदि मौजूद रहे। वहीं चेतनारायण गुट से मंडलीय मंत्री रणजीत सिंह, जिलाध्यक्ष जैनेंद्र कुमार सिंह, जिला मंत्री राजेश चंद्र चौधरी आदि शामिल रहे।
ताज्जुब की बात ये रही कि पदाधिकारी केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर काफी चिंतित थे। एमपी इंटर कॉलेज के मूल्यांकन केंद्र के कमरों में जाकर लोगों से दूरी बनाने का आग्रह करते नजर आए। मगर खुद लॉकडाउन में ग्रुप में चहल कदमी करने के दौरान उन्हें खुद की सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल न रहा।
गाइडलाइन का नहीं हो रहा पालन
कोरोना महामारी को लेकर शासन की ओर से जारी गाइड लाइंस का मूल्यांकन केंद्रों पर पालन कराए जाने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) ने प्रांतीय मंत्री देवेंद्र प्रताप सिंह गौतम की अगुवाई में मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मूल्यांकन केंद्रों के साथ साथ शौचालयों को सैनिटाइज कराने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष हीरालाल गौड़, मंडलीय मंत्री दुर्गेश दत्त पांडेय आदि मौजूद रहे।
5 दिन में मूल्यांकन पूरा कराने का निर्देश
सेंट एंड्रयूज इंटर कॉलेज के निरीक्षण को पहुंचे जेडी योगेंद्र नाथ सिंह ने उप नियंत्रक को कक्षाओं की संख्या को बढ़ाने का निर्देश दिया ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मूल्यांकन कार्य कराया जा सके। साथ ही उप नियंत्रक को 15 दिन में मूल्यांकन पूरा कराने को भी कहा।
- मूल्यांकन से नदारद रहने वाले शिक्षकों की अनुपस्थिति का पूरा ब्योरा माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। परिषद का निर्देश मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, जिला विद्यालय निरीक्षक
सीबीएसई: शिक्षकों ने घर से शुरू किया मूल्यांकन
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और बारहवीं की कॉपियों का मूल्यांकन मंगलवार से गोरखपुर में शुरू हो गया। परीक्षकों ने अपने घरों से ही कॉपियों का मूल्यांकन कार्य शुरू किया। मूल्यांकन केंद्र से करीब 2000 परीक्षकों के घर सुबह ही दो-दो सौ कॉपियां का बंडल भेजा गया।
सात से 10 दिन के अंदर परीक्षकों को ये कॉपियां जांचकर इसकी सूचना मूल्यांकन केंद्र को देनी होगी। जिसके बाद कॉपियों को उनके घर से मूल्यांकन केंद्र पर मंगाकर आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी।
विद्यार्थियों के नंबर की फीडिंग स्कूल परिसर में ही ऑनलाइन होगी। कोरोना महामारी की वजह से सरकार ने मार्च में ही बोर्ड परीक्षाओं के साथ मूल्यांकन कार्य पर रोक लगा दी थी। लॉकडाउन के तीसरे चरण में सरकार ने बोर्ड की स्थगित परीक्षाओं के आयोजन की तिथि एक से 15 जुुलाई तक निर्धारित करते हुए पांच मई से मूल्यांकन कार्य शुरू करने का निर्णय लिया था।
मगर लॉकडाउन के तीसरे चरण में प्रवेश करने की वजह से बोर्ड ने केवल ग्रीन जोन में ही तय समय पर मूल्यांकन शुरू कराया। अब जाकर ऑरेंज जोन में मूल्यांकन कार्य को हरी झंडी दी है।