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राष्ट्र वंदन उत्सव: देशभक्ति गीतों से दी शहीदों को श्रद्धांजलि, देखें कैंपस की सात खबरें
Tue, 28 Jan 2020 09:44 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Tue, 28 Jan 2020 09:44 PM IST
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कार्यक्रम में शामिल बच्चे व अतिथि।
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्र वंदन समिति की ओर से आयोजित राष्ट्र वंदन उत्सव के अंतर्गत मंगलवार को बच्चों ने विंध्यवासिनी पार्क के योगा हॉल में एकल व समूह गायन की प्रस्तुति दी। देशभक्ति गीत गाकर बच्चों ने देश के महापुरुषों के साथ अमर शहीदों को याद किया।
गायक मनोज मिश्रा मिहिर ने देशभक्ति गीत गाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने कहा कि गोरखपुर की प्रतिभाओं को मंच देने के लिए एक एकेडमी खोलने की बात चल रही है।
व्यवसायी अतुल सर्राफ ने कहा कि गोरखपुर में प्रतिभाओं की बहुलता है। बस इन्हें एक मंच की आवश्यकता है। समिति के महामंत्री दुर्गेश त्रिपाठी ने कहा कि समाज में अंतिम व्यक्ति तक की प्रतिभा को मंच मिले इसी उद्देश्य के साथ हर वर्ष इस कार्यक्रम का आयोजन होता है। कार्यक्रम का संचालन सीता शुक्ला ने किया। इस अवसर पर डॉ. रूप कुमार बनर्जी, राम नगीना त्रिपाठी, विजय खेमका, माया गुप्ता, कंचनलता खेमका, स्वीटी जायसवाल, शशिकांत, रूप रानी, शिखर त्रिपाठी, धर्मराज राना, शिवम गुप्ता, आदर्श सिंह, अशोक सिंह, रजनी साहनी, प्रीती भारती आदि मौजूद रहे।
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गायक मनोज मिश्रा मिहिर ने देशभक्ति गीत गाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। व्यापारी कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने कहा कि गोरखपुर की प्रतिभाओं को मंच देने के लिए एक एकेडमी खोलने की बात चल रही है।
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व्यवसायी अतुल सर्राफ ने कहा कि गोरखपुर में प्रतिभाओं की बहुलता है। बस इन्हें एक मंच की आवश्यकता है। समिति के महामंत्री दुर्गेश त्रिपाठी ने कहा कि समाज में अंतिम व्यक्ति तक की प्रतिभा को मंच मिले इसी उद्देश्य के साथ हर वर्ष इस कार्यक्रम का आयोजन होता है। कार्यक्रम का संचालन सीता शुक्ला ने किया। इस अवसर पर डॉ. रूप कुमार बनर्जी, राम नगीना त्रिपाठी, विजय खेमका, माया गुप्ता, कंचनलता खेमका, स्वीटी जायसवाल, शशिकांत, रूप रानी, शिखर त्रिपाठी, धर्मराज राना, शिवम गुप्ता, आदर्श सिंह, अशोक सिंह, रजनी साहनी, प्रीती भारती आदि मौजूद रहे।
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एमपी इंटर कॉलेज में संगोष्ठी का आयोजन
महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की स्मृति में ‘श्री राम जन्म भूमि आंदोलन और महंत दिग्विजयनाथ’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि भारतीय इतिहास संकलन योजना नई दिल्ली के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बालमुकुंद पांडेय ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए अंतिम और निर्णायक संघर्ष गोरक्षपीठ ने किया। 1934 से लगातार गोरक्षपीठ ने राम मंदिर निर्माण के लिए जन आंदोलन चलाया। अपने नेतृत्व शक्ति के बल पर साधु मंडली के साथ साथ युवाओं के दल को तैयार किया। पूरे देश में राम मंदिर निर्माण के लिए वातावरण बनाया। महंत दिग्विजयनाथ ने स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान के साथ साथ इसे पूरे देश में राम मंदिर आंदोलन को खड़ा किया।
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सदस्य प्रमथनाथ मिश्र ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ के प्रयासों से ही राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। प्रास्ताविकी डॉ. फूलचंद्र प्रसाद गुप्त ने की। प्रधानाचार्य डॉ. अरूण कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर प्रो. रामदरश राय, राम लाल विश्वकर्मा, बसंत सिंह, दीनानाथ सिंह, जयप्रकाश नायक, गोविंद सिंह, बच्चू लाल वर्मा, बौद्धनाथ यादव आदि मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि भारतीय इतिहास संकलन योजना नई दिल्ली के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बालमुकुंद पांडेय ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए अंतिम और निर्णायक संघर्ष गोरक्षपीठ ने किया। 1934 से लगातार गोरक्षपीठ ने राम मंदिर निर्माण के लिए जन आंदोलन चलाया। अपने नेतृत्व शक्ति के बल पर साधु मंडली के साथ साथ युवाओं के दल को तैयार किया। पूरे देश में राम मंदिर निर्माण के लिए वातावरण बनाया। महंत दिग्विजयनाथ ने स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान के साथ साथ इसे पूरे देश में राम मंदिर आंदोलन को खड़ा किया।
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के सदस्य प्रमथनाथ मिश्र ने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ के प्रयासों से ही राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। प्रास्ताविकी डॉ. फूलचंद्र प्रसाद गुप्त ने की। प्रधानाचार्य डॉ. अरूण कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर प्रो. रामदरश राय, राम लाल विश्वकर्मा, बसंत सिंह, दीनानाथ सिंह, जयप्रकाश नायक, गोविंद सिंह, बच्चू लाल वर्मा, बौद्धनाथ यादव आदि मौजूद रहे।
ट्यूटोरियल पांच व छह को
गोरखपुर विश्वविद्यालय में एलएलएम तृतीय वर्ष (पंचम सेमेस्टर) ट्यूटोरियल पांच व छह फरवरी को होगी। जबकि एलएलबी तृतीय वर्ष (पंचम सेमेस्टर) की क्लिनिकल कोर्स-2 मौखिक परीक्षा आठ व नौ फरवरी को होगी। परीक्षाएं सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे से होंगी। यह जानकारी संयोजक प्रो अहमद नसीम ने दी।
काउंसिलिंग 31 को
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में शोध पंजीकरण के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग 31 जनवरी को होगी। यह जानकारी विभागाध्यक्ष प्रो. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने दी।
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प्रयोगात्मक परीक्षाएं सात व आठ को
गोरखपुर। डीएवीपीजी कॉलेज के बीएससी प्राणी विज्ञान प्रथम व द्वितीय वर्ष के अभ्यर्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं सात व आठ फरवरी को होगी। परीक्षाएं सुबह नौ बजे से होंगी। यह जानकारी प्राचार्या डॉ राजकुमारी पांडेय ने दी।
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रेट प्रवेश में अनियमितता का आरोप
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रनेता भाष्कर चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति प्रो वीके सिंह से मुलाकात की और रेट परीक्षा एवं साक्षात्कार में अनियमितता का आरोप लगाया। छात्रों ने कहा कि अनुसूचित जाति के छात्र रंजय कुमार का प्रवेश इसलिए रोक दिया गया कि उन्होंने अपनी परास्नातक की उपाधि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से प्राप्त किया है। विभाग की ओर से इसकी कोई सूचना प्रवेश नियमावली में प्रकाशित नहीं किया गया। इस अवसर पर सत्यपाल सिंह, रविप्रकाश, रंजय कुमार, रीना, सुनील, विवेक आदि मौजूद रहे।
काउंसिलिंग 31 को
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में शोध पंजीकरण के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग 31 जनवरी को होगी। यह जानकारी विभागाध्यक्ष प्रो. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने दी।
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प्रयोगात्मक परीक्षाएं सात व आठ को
गोरखपुर। डीएवीपीजी कॉलेज के बीएससी प्राणी विज्ञान प्रथम व द्वितीय वर्ष के अभ्यर्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं सात व आठ फरवरी को होगी। परीक्षाएं सुबह नौ बजे से होंगी। यह जानकारी प्राचार्या डॉ राजकुमारी पांडेय ने दी।
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रेट प्रवेश में अनियमितता का आरोप
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रनेता भाष्कर चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने कुलपति प्रो वीके सिंह से मुलाकात की और रेट परीक्षा एवं साक्षात्कार में अनियमितता का आरोप लगाया। छात्रों ने कहा कि अनुसूचित जाति के छात्र रंजय कुमार का प्रवेश इसलिए रोक दिया गया कि उन्होंने अपनी परास्नातक की उपाधि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से प्राप्त किया है। विभाग की ओर से इसकी कोई सूचना प्रवेश नियमावली में प्रकाशित नहीं किया गया। इस अवसर पर सत्यपाल सिंह, रविप्रकाश, रंजय कुमार, रीना, सुनील, विवेक आदि मौजूद रहे।
ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर में अभिविन्यास कार्यक्रम संपन्न
गोरखपुर विश्वविद्यालय के यूजीसी ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर में 117 वें एवं 118 वें अभिविन्यास कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हो गया। मुख्य अतिथि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. यूपी सिंह ने शिक्षा के व्यवहारिक पक्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ज्ञान परंपरा, मानव मूल्यों की संवाहिका है। राजनीति में सिद्धांत नहीं है तो यह आतंकवाद को बढ़ावा देती है।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. हरिशरण ने शिक्षकों के उत्तरदायित्व पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों की तरफ से 21 दिनों तक चले अभिविन्यास कार्यक्रम में डॉ. दीपशिखा पांडेय, डॉ. महबूब हसन, डॉ. विनीत कुमार सिंह, डॉ. प्रदीप त्रिपाठी, डॉ. श्रद्धा शुक्ला ने अपनी अनुभूतियों को साझा किया। यूजीसी ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर के निदेशक प्रो. हिमांशु पांडेय ने अभिविन्यास कार्यक्रम की सार्थकता पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में 80 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। डॉ. अनुपमा कौशिक ने आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने किया।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. हरिशरण ने शिक्षकों के उत्तरदायित्व पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों की तरफ से 21 दिनों तक चले अभिविन्यास कार्यक्रम में डॉ. दीपशिखा पांडेय, डॉ. महबूब हसन, डॉ. विनीत कुमार सिंह, डॉ. प्रदीप त्रिपाठी, डॉ. श्रद्धा शुक्ला ने अपनी अनुभूतियों को साझा किया। यूजीसी ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर के निदेशक प्रो. हिमांशु पांडेय ने अभिविन्यास कार्यक्रम की सार्थकता पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में 80 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। डॉ. अनुपमा कौशिक ने आभार व्यक्त किया। संचालन डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने किया।