पैन कार्ड कराएगा असली-नकली शिक्षक की पहचान, तैयार की जा रही है सूची
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जाली प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी करने वाले शिक्षकों के जांच की आंच अब अंतर जनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों तक भी पहुंच गई है। एहतियात के तौर पर बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दस्तावेजों का सत्यापन कराने वाले 414 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों के साथ पैनकार्ड की भी गहनता से जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में अब तक 20 शिक्षकों के पैनकार्ड में त्रुटियां मिली हैं।
कुछ आवेदकों के पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों में दर्ज नाम के अक्षरों और सरनेम, जन्मतिथि समेत अन्य अहम जानकारियां अलग-अलग मिली हैं। जब तक आवेदन करने वाले शिक्षक इन त्रुटियां को दुरुस्त नहीं कराएंगे उन्हें स्थानांतरण का लाभ नहीं दिया जाएगा। वहीं विभाग की ओर से ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है। विभाग की ओर से सभी के दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा। सबकुछ ठीक मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से गैर जनपदीय स्थानांतरण के लिए 31 जनवरी और एक फरवरी को 439 शिक्षकों की काउंसिलिंग विभाग में हुई। इसमें 414 शिक्षक शामिल हुए। सभी ने अपने दस्तावेज भी मुहैया कराए। इसके बाद विभाग की ओर से इन दस्तावेजों का सत्यापन कराया जा रहा है। खासतौर पर सभी आवेदकों के पैनकार्ड की जांच की जा रही है।
25 शिक्षकों की भी जांच होगी
विभाग की ओर से काउंसिलिंग में शामिल नहीं होने वाले 25 शिक्षकों की भी जांच की जाएगी। वहीं एक बार गैर जनपद से स्थानांतरण लेकर आने वाले शिक्षकों के फिर स्थानांतरण के लिए आवेदन करने की वजह भी तलाशी जाएगी।
जाति में गौड़ और सरनेम लगाते हैं गुप्ता
जांच के दौरान एक ऐसे शिक्षक के दस्तावेज भी सामने आए हैं, जो सरनेम गुप्ता का लगाते हैं। जाति प्रमाणपत्र गौड़ होने का लगा रखा है। शिक्षकों से जवाब तलब किया गया है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी, बीएन सिंह ने कहा कि दस्तावेजों का सत्यापन नियमित प्रक्रिया का ही हिस्सा है, मगर आवेदकों के पैनकार्ड की भी जांच कराई जा रही है ताकि किसी फर्जी शिक्षक के बजाय असली शिक्षकों को ही स्थानांतरण प्रक्रिया का लाभ मिले।