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शहर के इन पांच स्कूलों में शुरू हुई कक्षाएं, इस खास तरीके से करना पड़ेगा होम वर्क

Wed, 01 Apr 2020 11:29 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Wed, 01 Apr 2020 11:29 AM IST
सार

  • आरपीएम एकेडमी, एबीसी पब्लिक स्कूल, सेंट्रल एकेडमी, विकास भारती और सेंट जोसेफ खोराबार में हुई शुरुआत
  • दो घंटे की चलेगी ऑनलाइन क्लास, छात्र-छात्राओं को होमवर्क भी मिलेगा

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Online Classes started from E-school in gorakhpur
सांकेतिक तस्वीर।

विस्तार

लॉकडाउन की वजह से घर में बैठे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसे लेकर शहर के पांच स्कूलों की ई-पाठशाला बुधवार से शुरू हुई। इसे लेकर आरपीएम एकेडमी, एबीसी पब्लिक स्कूल, विकास भारती, सेंट्रल एकेडमी और सेंट जोसेफ खोराबार की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी।

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तकनीक की मदद से दो घंटे की ऑनलाइन कक्षा होगी। इसमें शिक्षक क्लास लेंगे और विद्यार्थी घर बैठकर ही इस तकनीक से सीधे जुड़ सकेंगे। जिन विद्यार्थियों के पास लैपटॉप है वह भी इससे जुड़ सकेंगे। स्मार्ट फोन की मदद से भी पढ़ाई की जा सकेगी। विद्यार्थियों को होम वर्क व्हाट्सएप या फिर वेबकास्ट के जरिए भेजा जाएगा।
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इसके लिए कक्षा एक से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के माता-पिता के व्हाट्सएप मोबाइल नंबरों का ग्रुप बनाकर तैयार किया गया। जो होमवर्क विद्यार्थी को मिलेगा, उसे पूरा कराके इन्हीं ग्रुप पर शेयर करना होगा। जिसका होम वर्क पूरा होगा उसे शिक्षक रिमार्क देंगे।
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सीबीएसई ने लॉकडाउन के दौरान ई-पाठशाला को चलाने का निर्देश दिया है। इसके अंतर्गत सभी स्कूलों में तैयारी शुरू की जा चुकी है। कई जगह अभी सामग्री तैयार हो रही है। सभी स्कूल इसे बढ़ावा देने में दिलचस्पी ले रहे हैं।
अजय शाही, अध्यक्ष, गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन

एमएमएमयूटी में भी चलेगी ई-पाठशाला

गोरखपुर विश्वविद्यालय के बाद अब मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में भी ई-पाठशाला चलेगी। विद्यार्थियों के लिए ई-कंटेंट ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा मोबाइल से भी पाठ्यक्रम स्कैन कर विद्यार्थियों तक भेजे जाएंगे।

कुलपति प्रो. श्री निवास सिंह ने मंगलवार को सभी विभागाध्यक्षों के साथ एक-एक कर बैठक की। विभागाध्यक्षों से कहा कि वे सभी शिक्षकों से कहें कि छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन (ई-मेल या अन्य माध्यमों से) क्लास नोट्स/ ई-बुक्स आदि उपलब्ध कराएं। इससे विद्यार्थी घर पर रहते हुए भी पढ़ाई कर सकेंगे। शिक्षक अन्य ऑनलाइन माध्यमों जैसे कि स्वयं पोर्टल, यूजीसी मूक्स, नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी, स्वयं प्रभा पोर्टल आदि पर उपलब्ध वीडियो लेक्चर एवं नोट्स आदि का लिंक छात्रों को उपलब्ध कराएं।

इसके साथ ही शिक्षकों को स्वयं ऑनलाइन कोर्स विकसित कर छात्रों को साझा करने को भी कहा गया है। शिक्षक जरूरी पाठ्यपुस्तकों के चैप्टर्स को मोबाइल से स्कैन कर छात्रों को उपलब्ध करा दें ताकि वे छात्र जो अपनी पुस्तकें न ले जा पाए हों, वे भी पढ़ सकें।

होम असाइनमेंट के आधार पर होगी मौखिक परीक्षा

कुलपति ने कहा कि छात्रों की प्रगति की समीक्षा के लिए शिक्षक छात्र-छात्राओं को हर सप्ताह एक होम असाइनमेंट दें। असाइनमेंट के सवालों को छात्र हल कर के शिक्षक के ई-मेल पर स्कैन करके भेजेंगे। विवि खुलने पर इन्हीं साप्ताहिक होम असाइनमेंट के आधार पर मौखिक परीक्षा ली जाएगी और आंतरिक मूल्यांकन के अंक दिए जाएंगे। बीटेक/ एमटेक अंतिम वर्ष के छात्र जो इस समय प्रोजेक्ट कर रहे हैं उन्हें अपनी मध्यावधि प्रगति आख्या अपने शोध निर्देशक के ई-मेल पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

इंटर्नशिप प्रोजेक्ट के लिए शीर्षक तय करें
कुलपति ने विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि जिन बीटेक/बीबीए/ एमबीए/ एमसीए छात्रों को इस ग्रीष्मावकाश में इंटर्नशिप/ प्रोजेक्ट करना है, उन्हें निदेशक आवंटित कर शीर्षक निर्धारित कर दिए जाएं। इससे छात्र अपना काम शुरू कर सकेंगे। शिक्षकों को सुझाव दिया गया है कि उनके निर्देशन में पीएचडी कर रहे प्रथम वर्ष के छात्रों को प्रत्येक सप्ताह कम से कम पांच शोध पत्र पढ़ कर उसका सारांश बनाकर अपने शोध निर्देशक को प्रस्तुत करने को कहें।

शेष पीएचडी छात्रों को हिदायत दी गई है कि वे अपने गाइड के निर्देशन में अपने शोध पर आधारित शोध पत्र तैयार कर उच्च स्तरीय पत्रिकाओं में प्रकाशनार्थ भेजें। सभी पीएचडी उपाधि धारक शिक्षकों को कहा गया है कि वे अपनी विशेषज्ञता के क्षेत्र में एक रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार कर अनुदान हेतु राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं को प्रेषित करें।

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