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मिट्ठू तोता सुनाएगा 'कद्दू की बरात' की दास्तान, चुलबुली बताएगी 'परी' की कहानी

Sat, 07 Mar 2020 03:57 PM IST
vivek shukla विवेक सिंह, गोरखपुर।
विवेक सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 07 Mar 2020 03:57 PM IST
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new reading book will launch for Council schools in gorakhpur
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को अब मिट्ठू तोता ‘कद्दू की बरात’ की दास्तान सुनाएगा वहीं चुलबुली ‘परी’, ‘किसान की चतुराई’ से जुड़ी पाठ्य पुस्तक में मौजूद कहानियों को सुनाएगी। जल्द ही ये एनिमेटेड किरदार न केवल बच्चों का तनाव दूर करते नजर आएंगे बल्कि खेल-खेल में उनका ज्ञानवर्धन भी करेंगे। इसे लेकर शिव नाडर फाउंडेशन और बेसिक शिक्षा विभाग में करार हुआ है। पहले चरण के तहत जिले में स्मार्ट क्लास वाले 40 प्राथमिक विद्यालयों में ये एनिमेटेड सॉफ्टवेयर अपलोड किए जाएंगे।
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इसकी शुरुआत कक्षा-एक और दो के विद्यार्थियों के साथ होगी। कक्षा एक के विद्यार्थियों को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से तैयार पाठ्यक्रम के मुताबिक ‘कलरव’ किताब से पढ़ाया जाता है। वहीं कक्षा दो के विद्यार्थियों को ‘कलरव’ और ‘गिनतारा’ से अध्यापन कराया जा रहा है। शिव नाडर फाउंडेशन ने मिट्ठू तोता और चुलबुली परी एनिमेटेड पात्रों के माध्यम से दोनों कक्षाओं में मौजूद पाठ्यक्रम को एनिमेशन के रूप में परिवर्तित किया गया है।
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शिव नाडर फाउंडेशन की सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट स्मृति रिया और शरद त्रिवेदी ने बताया कि बच्चों के मस्तिष्क पर सुनने की तुलना में चलचित्रों का मनोवैज्ञानिक तौर पर ज्यादा प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखकर एनिमेटेड कैरेक्टर्स को डिजाइन किया गया है।
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प्रदेश के 450 स्कूलों में दे रहे सेवाएं

संस्थान की ओर से प्रदेश के 450 स्कूलों में इस विधा से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। यही वजह है कि इन विद्यालयों में विद्यार्थियों का ड्राप आउट रेट पहले की अपेक्षा कम हुआ है। वहीं सीखने की क्षमता में भी वृद्धि हुई है। 2012 से संस्था परिषदीय विद्यालयों में काम कर रही है।

62 परिषदीय विद्यालयों में है स्मार्ट क्लास
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित 62 परिषदीय विद्यालयों में अभी स्मार्ट कक्षाओं का संचालन हो रहा है। इनमें प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 44 और जूनियर के 18 विद्यालय मौजूद हैं। इन सभी विद्यालयों में शिक्षक अपने व्यक्तिगत प्रयासों से स्मार्ट कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। इसके लिए सरकार की तरफ से कोई धनराशि आवंटित नहीं हुई है।

बीएसए बीएन सिंह ने कहा कि शिव नाडर फाउंडेशन की ओर से स्मार्ट क्लास वाले विद्यालयों में पढ़ाई के लिए उच्च स्तरीय प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। पहले चरण में 40 प्राथमिक विद्यालयों को इससे लैस किया जाएगा।
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