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एमएमएमयूटी: लॉकडाउन हटने पर ऐसे होगी पढ़ाई, जानें कब शुरू होंगी परीक्षाएं
Sun, 19 Apr 2020 04:44 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 19 Apr 2020 04:44 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) की स्टीयरिंग कमेटी की बैठक शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुई। इसमें तय हुआ कि लॉकडाउन खुलने और छात्रों के परिसर में आ जाने के बाद दो सप्ताह तक दो पालियों में कक्षाएं चलेंगी। पहली पाली में लेक्चर सुबह 7.30 बजे से 1.30 बजे तक चलेंगे और दूसरी पाली में 2.30 बजे से 6.30 बजे तक प्रयोगात्मक कक्षाएं चलाई जाएंगी। तीसरे सप्ताह से परीक्षाएं शुरू होंगी और चौथे सप्ताह से परीक्षा परिणाम घोषित होने लगेंगे।
कुलपति प्रो. एसएन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सेमेस्टर परीक्षा प्रश्नपत्र के संशोधित प्रारूप पर भी निर्णय लिया गया। तय हुआ कि सेमेस्टर परीक्षा 2.45 घंटे की होगी। प्रश्नपत्र में संबंधित विषय के एक- एक अंक के दस बहु विकल्पीय प्रश्न और 10-30 अंक के चार वर्णनात्मक एवं गणना आधारित प्रश्न होंगे। प्रश्न पूरे पाठ्यक्रम से पूछे जाएंगे।
परीक्षा के पहले 15 मिनट में छात्रों को बहुविकल्पीय प्रश्न हल करने होंगे। शेष 2.30 घंटे में वर्णनात्मक प्रश्न लिखने होंगे। बैठक में शैक्षणिक सत्र 2020-21 हेतु अंशकालिक पीएचडी पाठ्यक्रम हेतु प्रवेश प्रक्रिया आरंभ करने पर सहमति बनी। बैठक में यह प्रस्ताव आया कि अंशकालिक पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी के गोरखपुर के 100 किमी दायरे में कार्यरत होने की बाध्यता समाप्त कर दी जाए। प्रस्ताव पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। तय हुआ कि इस प्रस्ताव पर अभी और विचार किए जाने की जरूरत है।
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कुलपति प्रो. एसएन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सेमेस्टर परीक्षा प्रश्नपत्र के संशोधित प्रारूप पर भी निर्णय लिया गया। तय हुआ कि सेमेस्टर परीक्षा 2.45 घंटे की होगी। प्रश्नपत्र में संबंधित विषय के एक- एक अंक के दस बहु विकल्पीय प्रश्न और 10-30 अंक के चार वर्णनात्मक एवं गणना आधारित प्रश्न होंगे। प्रश्न पूरे पाठ्यक्रम से पूछे जाएंगे।
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परीक्षा के पहले 15 मिनट में छात्रों को बहुविकल्पीय प्रश्न हल करने होंगे। शेष 2.30 घंटे में वर्णनात्मक प्रश्न लिखने होंगे। बैठक में शैक्षणिक सत्र 2020-21 हेतु अंशकालिक पीएचडी पाठ्यक्रम हेतु प्रवेश प्रक्रिया आरंभ करने पर सहमति बनी। बैठक में यह प्रस्ताव आया कि अंशकालिक पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी के गोरखपुर के 100 किमी दायरे में कार्यरत होने की बाध्यता समाप्त कर दी जाए। प्रस्ताव पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। तय हुआ कि इस प्रस्ताव पर अभी और विचार किए जाने की जरूरत है।
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ऑनलाइन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे विद्यार्थी
इस वर्ष पीएचडी प्रथम वर्ष के छात्रों को छोड़ कर शेष सभी पीएचडी छात्रों की मई माह में संपन्न होने वाली विभागीय शोध समिति की बैठक ऑनलाइन वीडियो कांफ़्रेंसिंग के माध्यम से कराई जाएगी। इससे यह लाभ होगा कि संबंधित पीएचडी छात्र को विवि नहीं आना पड़ेगा और वह अपने घर से ही कार्य की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकेगा। इसके लिए उसे अपनी पीएचडी प्रगति की रिपोर्ट एवं प्रेजेंटेशन की सॉफ्ट कॉपी अपने निर्देशक और विभागाध्यक्ष को पहले ही भेज देनी होगी।
ऑनलाइन डीआरसी होने के कारण दूसरे शहरों से आने वाले बाह्य विशेषज्ञ भी बिना गोरखपुर आए पीएचडी के छात्र के द्वारा अपनी प्रगति की प्रस्तुति का अवलोकन कर सकेंगे और सवाल भी पूछ सकेंगे। संतुष्ट होने पर बाह्य विशेषज्ञ अपनी रिपोर्ट/ अपने मूल्यांकन से विभागाध्यक्ष/ परीक्षा नियंत्रक को ई-मेल के माध्यम से अवगत करा सकेंगे।
बैठक में निर्णय हुआ कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो एमसीए और एमटेक के छात्रों के द्वारा किए जा रहे प्रोजेक्ट कार्य का मूल्यांकन भी इसी तरीके से संपन्न कराया जाएगा। इसी प्रकार पीएचडी की वाइवा भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया।
ऑनलाइन डीआरसी होने के कारण दूसरे शहरों से आने वाले बाह्य विशेषज्ञ भी बिना गोरखपुर आए पीएचडी के छात्र के द्वारा अपनी प्रगति की प्रस्तुति का अवलोकन कर सकेंगे और सवाल भी पूछ सकेंगे। संतुष्ट होने पर बाह्य विशेषज्ञ अपनी रिपोर्ट/ अपने मूल्यांकन से विभागाध्यक्ष/ परीक्षा नियंत्रक को ई-मेल के माध्यम से अवगत करा सकेंगे।
बैठक में निर्णय हुआ कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो एमसीए और एमटेक के छात्रों के द्वारा किए जा रहे प्रोजेक्ट कार्य का मूल्यांकन भी इसी तरीके से संपन्न कराया जाएगा। इसी प्रकार पीएचडी की वाइवा भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया।
कल से खुलेगी एमएमएमयूटी
प्राविधिक शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार एमएमएमयूटी 20 अप्रैल से खुलेगी। इस दौरान शैक्षणिक कार्य नहीं होंगे लेकिन शिक्षक विभाग आएंगे और शिक्षण के अतिरिक्त अन्य अकादमिक, प्रशासनिक काम काज निपटाएंगे। समूह-ग एवं घ के कर्मचारी भी सीमित संख्या में रोस्टर के अनुसार विवि आएंगे और काम करेंगे।