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महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोलीं शिक्षक, हर हाल में रोकना होगा महिला अपराध

Sun, 08 Mar 2020 01:06 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Sun, 08 Mar 2020 01:06 PM IST
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International Women's Day 2020 Event organized in Digvijaynath LT Training College gorakhpur
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को दिग्विजय नाथ एलटी प्रशिक्षण महाविद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता गोरखपुर विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय की आचार्य प्रो शोभा गौड़ व मुख्य अतिथि के रूप में दिग्विजय नाथ पीजी कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ गीता दत्त मौजूद रहीं। प्रो शोभा गौड़ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास लंबा रहा है। महिलाओं के अधिकार और उनकी योग्यता को स्थापित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।
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कहा कि महिला उत्पीड़न, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज हत्या, घरेलू हिंसा जैसे अपराधों को रोकना होगा। डॉ. गीता दत्त ने कहा कि 21वीं सदी में नारी शिक्षा में वृहद परिवर्तन हुआ है। शिक्षा चिकित्सा, रक्षा विज्ञान आदि क्षेत्रों में स्त्री की सफलता निश्चित ही सुखद प्रगति पर है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रेम त्रिपाठी और ज्ञापन प्राचार्य प्रो सुमित्रा सिंह ने किया। इस मौके पर डॉ गिरीश चंद्र पाठक, डॉ सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, संतोष सिंह, डॉ सुनील केशरवानी, डॉ अमित कुमार सिंह, डॉ पंकज दूबे, डॉ शिव प्रताप सिंह, डॉ अभिलाषा कौशिक, ममता श्रीवास्तव, हृदया त्रिपाठी, आदित्य नारायण क्षितिजेश, रोहित रंजन सैनी आदि मौजूद रहे।
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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस संघर्ष का प्रतीक
त्री मुक्त लीग और दिशा छात्र सगंठन की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर विवि चौराहे पर पोस्टर प्रदर्शनी लगाई गई। अंजली ने कहा कि यह दिवस स्त्रियों के संघर्ष का प्रतीक है। कहा कि 21वीं सदी में महिलाएं रह तो रही हैं, लेकिन आज भी महिलाओं को पूरी आजादी नहीं मिल पाई है।
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आज भी समाज में स्त्रियों को पेशा, पोशाक और जीवनसाथी चुनने का अधिकार नहीं है। ऐसे में इस सोच में बदलाव लाने की जरूरत है। इसके लिए लोगों को जागरूक करना होगा। इस मौके पर माया, मनोरमा, मुकेश, राजू, विकास, सूर्या, निशा, राजकुमार आदि मौजूद रहे।
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