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गोरखपुर: 25 वर्षों बाद तैयार हो रही विश्वविद्यालय की नई नियमावली
Thu, 09 Jan 2020 04:26 PM IST
विजय जैन
राजन राय, गोरखपुर
राजन राय, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Thu, 09 Jan 2020 04:26 PM IST
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DDU Gorakhpur
- फोटो : अमर उजाला
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दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में अब पदोन्नति, वरिष्ठता, संबद्धता आदि मामलों में यूजीसी व शासन के सभी नियम एक जगह संकलित किए जाएंगे। 25 वर्ष बाद विश्वविद्यालय में अपडेट कर नई नियमावली तैयार की जा रही है। इसके लिए प्रति कुलपति की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। एक महीने में नई नियमावली तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
विश्वविद्यालय में अपडेट नियमावली की जरूरत हमेशा महसूस की जाती रही है। 1995-96 में नियमावली को संकलित कर अपडेट किया गया था, लेकिन इसके बाद बहुत सारे नियम बने और वह अलग-अलग ही रह गए। ऐसा नहीं है कि अपडेट करने का प्रयास नहीं हुआ। प्रो चितरंजन मिश्र, प्रो अनिरुद्ध प्रसाद, प्रो जीएस तिवारी सहित 10 ज्यादा आचार्यों की अध्यक्षता में कमेटियां बनीं, लेकिन 25 वर्षों में नियमावली अपडेट नहीं हो सकी।
नियमावली अपडेट होने से जहां विवादित मामलों में निर्णय लेने में आसानी होगी वहीं साथ ही नैक मूल्यांकन के पहले विश्वविद्यालय की सारे नियम कानून अपडेट रहेंगी। इससे अच्छी ग्रेडिंग हासिल करने में भी मदद मिलेगी। विश्वविद्यालय द्वारा गठित कमेटी में प्रति कुलपति प्रो. हरिशरण को अध्यक्ष तथा रक्षा एवं स्ट्रैटजिक अध्ययन विभाग के प्रो हर्ष सिन्हा व विधि विभाग के प्रो अहमद नसीम को सदस्य बनाया गया है।
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विश्वविद्यालय में अपडेट नियमावली की जरूरत हमेशा महसूस की जाती रही है। 1995-96 में नियमावली को संकलित कर अपडेट किया गया था, लेकिन इसके बाद बहुत सारे नियम बने और वह अलग-अलग ही रह गए। ऐसा नहीं है कि अपडेट करने का प्रयास नहीं हुआ। प्रो चितरंजन मिश्र, प्रो अनिरुद्ध प्रसाद, प्रो जीएस तिवारी सहित 10 ज्यादा आचार्यों की अध्यक्षता में कमेटियां बनीं, लेकिन 25 वर्षों में नियमावली अपडेट नहीं हो सकी।
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नियमावली अपडेट होने से जहां विवादित मामलों में निर्णय लेने में आसानी होगी वहीं साथ ही नैक मूल्यांकन के पहले विश्वविद्यालय की सारे नियम कानून अपडेट रहेंगी। इससे अच्छी ग्रेडिंग हासिल करने में भी मदद मिलेगी। विश्वविद्यालय द्वारा गठित कमेटी में प्रति कुलपति प्रो. हरिशरण को अध्यक्ष तथा रक्षा एवं स्ट्रैटजिक अध्ययन विभाग के प्रो हर्ष सिन्हा व विधि विभाग के प्रो अहमद नसीम को सदस्य बनाया गया है।
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अध्यादेश भी अपडेट होंगे
गोरखपुर विश्वविद्यालय में अध्यादेश भी अपडेट किए जाएंगे। 1984-85 में अंतिम बार अध्यादेशों को एकत्र कर अपडेट किया गया था। इसके बाद यूजी, पीजी, पीएचडी, नियुक्ति संबंधित बहुत सारे अध्यादेश जारी हुए, लेकिन विश्वविद्यालय में अध्यादेश एक जगह मौजूद नहीं है।
नई टेलीफोन डायरेक्ट्री बनेगी
गोरखपुर। विश्वविद्यालय की नई टेलीफोन डायरेक्ट्री भी बनाई जाएगी। बीते दो वर्ष में डेढ़ सौ से ज्यादा नए शिक्षकों की नियुक्तियां हुई हैं। इन शिक्षकों का नंबर डायरेक्ट्री में दर्ज किया जाएगा। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों का नाम हटेगा।
विश्वविद्यालय की नियमावली और अध्यादेशों को जल्द से जल्द अपडेट कर दिया जाएगा। मेरी अध्यक्षता वाली कमेटी बहुत सावधानी से इसे एकत्र कर मिलान कर रही है। अपडेट होने के बाद विश्वविद्यालय को बहुत सहूलियत हो जाएगी।
- प्रो हरिशरण, प्रति कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय
नई टेलीफोन डायरेक्ट्री बनेगी
गोरखपुर। विश्वविद्यालय की नई टेलीफोन डायरेक्ट्री भी बनाई जाएगी। बीते दो वर्ष में डेढ़ सौ से ज्यादा नए शिक्षकों की नियुक्तियां हुई हैं। इन शिक्षकों का नंबर डायरेक्ट्री में दर्ज किया जाएगा। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों का नाम हटेगा।
विश्वविद्यालय की नियमावली और अध्यादेशों को जल्द से जल्द अपडेट कर दिया जाएगा। मेरी अध्यक्षता वाली कमेटी बहुत सावधानी से इसे एकत्र कर मिलान कर रही है। अपडेट होने के बाद विश्वविद्यालय को बहुत सहूलियत हो जाएगी।
- प्रो हरिशरण, प्रति कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय