फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Five new institutes will open in Gorakhpur University

गोरखपुर विश्वविद्यालय में खुलेंगे पांच नए इंस्टीट्यूट, 63 पाठ्यक्रमों को मिली मंजूरी

Sat, 28 Nov 2020 02:55 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 28 Nov 2020 02:55 PM IST
सार

  • गोरखपुर विश्वविद्यालय में कार्य परिषद की बैठक, प्रस्तावों पर लगी मुहर
  • पेपरलेस एडमिनिस्ट्रेशन की दिशा में विश्वविद्यालय ने बढ़ाए कदम

विज्ञापन
Five new institutes will open in Gorakhpur University
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर विश्वविद्यालय में पांच नए इंस्टीट्यूट खुलेंगे। उसके अंतर्गत आने वाले 13 सेंटर सहित 63 पाठ्यक्रमों को शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने पेपरलेस वर्क की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

विज्ञापन


विश्वविद्यालय में कुलपति की मौजूदगी में शुक्रवार को हुई कार्य परिषद की बैठक में प्रस्तावों पर स्वीकृति दी गई। कार्य परिषद ने उन 11 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी जिन्हें संस्तुति के लिए राज्य सरकार के पास भेजा जाना है।
विज्ञापन


बैठक में विश्वविद्यालय वित्त समिति की पिछली तीन बैठकों की संस्तुतियों को अनुमोदित किया गया। पेपरलेस वर्क पर तय हुआ कि इस महत्वपूर्ण योजना को अगली कार्य परिषद की बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा। कुलपति ने बताया कि इस योजना के तहत बहुत जल्द विश्वविद्यालय की सभी फाइलें डिजिटल फॉर्म में हो जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

शिक्षक व कर्मचारियों का होगा स्वास्थ्य बीमा

कार्य परिषद में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के दायरे में लाया जाएगा। कुलपति ने बताया कि इस योजना को एक कंपनी के साथ मिलकर विश्वविद्यालय शुरू करेगा। इस योजना के प्रीमियम का एक हिस्सा विश्वविद्यालय और दूसरा हिस्सा शिक्षक या कर्मचारी के द्वारा वहन किया जाएगा। कार्य परिषद की अगली बैठक में इस योजना पर मुहर लग जाएगी।

अतिथि गृह में ठहरने पर देना होगा शुल्क
विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में ठहरने के लिए हर किसी को निर्धारित शुल्क देना होगा। अपने अतिथियों के शुल्क का भुगतान विश्वविद्यालय स्वयं करेगा। यानी अबसे अतिथि गृह में कोई भी व्यक्ति नि:शुल्क नहीं ठहर सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed