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डीवीएनपीजी कॉलेज में विदाई समारोह: सफलता के लिए लक्ष्य का निर्धारण जरूरी: डॉ राजेंद्र
Thu, 13 Feb 2020 08:50 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 13 Feb 2020 08:50 PM IST
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डीवीएनपीजी कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
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डीवीएनपीजी कॉलेज में रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विभाग के बीए प्रथम, द्वितीय व बीएससी प्रथम, द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की ओर से विदाई समारोह का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व आचार्य एवं मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र भारती ने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए लक्ष्य का निर्धारण करें। इसके अभाव में अपनी क्षमता का दस फीसदी भी हासिल नहीं कर पाएंगे। कोई भी लक्ष्य एक दिन में प्राप्त नहीं हो सकता है, इसके लिए अनवरत कोशिश करनी चाहिए। कार्यक्रम अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विदाई शब्द संवेदनाओें से परिपूर्ण है, जो हमें सोचने के लिए बाध्य कर देता है कि हमारे सम्मुख न जाने कौन सी परिस्थिति होगी।
परिस्थिति को मार्ग में बाधा नही बनने देना चाहिए। विषम परिस्थितियों में भी क्षमतानुसार कार्य करने की प्रवृत्ति ही व्यक्ति में निखार लाता है। डॉ आरपी यादव ने महाराणा प्रताप ग्रंथ देकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर विभागीय गतिविधियों में भाग लेने वाले बीए व बीएससी तृतीय वर्ष के 39 विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि ने तथा बीए व बीएससी प्रथम वर्ष के 18 विद्यार्थियों को पुरातन छात्र परिषद की ओर से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान डॉ. राम कुमार, डॉ इंद्रजीत आदि उपस्थित रहे।
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मुख्य अतिथि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व आचार्य एवं मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र भारती ने कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए लक्ष्य का निर्धारण करें। इसके अभाव में अपनी क्षमता का दस फीसदी भी हासिल नहीं कर पाएंगे। कोई भी लक्ष्य एक दिन में प्राप्त नहीं हो सकता है, इसके लिए अनवरत कोशिश करनी चाहिए। कार्यक्रम अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विदाई शब्द संवेदनाओें से परिपूर्ण है, जो हमें सोचने के लिए बाध्य कर देता है कि हमारे सम्मुख न जाने कौन सी परिस्थिति होगी।
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परिस्थिति को मार्ग में बाधा नही बनने देना चाहिए। विषम परिस्थितियों में भी क्षमतानुसार कार्य करने की प्रवृत्ति ही व्यक्ति में निखार लाता है। डॉ आरपी यादव ने महाराणा प्रताप ग्रंथ देकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर विभागीय गतिविधियों में भाग लेने वाले बीए व बीएससी तृतीय वर्ष के 39 विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि ने तथा बीए व बीएससी प्रथम वर्ष के 18 विद्यार्थियों को पुरातन छात्र परिषद की ओर से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान डॉ. राम कुमार, डॉ इंद्रजीत आदि उपस्थित रहे।
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