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गोरखपुर में गूंजे कुमार विश्वास के बोल, 'उसे जिद थी झुकाओ सर, तभी दस्तार बख्शूंगा....'
Sun, 09 Feb 2020 10:55 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Sun, 09 Feb 2020 10:55 AM IST
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कार्यक्रम में कविता पाठ करते कुमार विश्वास।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रख्यात कवि डॉ. कुमार विश्वास ने गोरक्षनगरी में साहित्य, व्यंग्य, राजनीति के अलग-अलग रंग की कविताएं प्रस्तुत करके दर्शकों/श्रोताओं को झूमने को मजबूर कर दिया। कश्मीर पर उनकी कविता - मेरे कश्मीर मेरी जान मेरे प्यारे वतन। मेरे वेदों के संस्कृत के व्याकरण की कसम, खुबानी सेब जैसे मीठे आचरण की कसम, तेरी कुर्बानी में डूबी हुई सदियों की कसम, तेरे पर्वत से उतरती हुई नदियों की कसम, गुल के गुलफाम के गुलशन के बहारों की कसम, तेरी डल झील के उन सारे शिकारों की कसम, आ गिले शिकवे करें मिल के आज दफन, ने पांडाल को तालियां की गड़गड़ाहट से गुंजा दिया।
महात्मा गांधी पीजी कॉलेज में नेशनल एजुकेशन सोसायटी के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने अनुच्छेद 370 की समाप्ति पर कश्मीर का सदियों पुराना इतिहास कविता के जरिए सुनाया तो दिल्ली सरकार और अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन पर व्यंग्य के बाण चलाए। कुमार विश्वास ने गोरखपुर की हस्तियों को याद करते हुए उनकी प्रशंसा में पंक्तियां प्रस्तुत कर श्रोताओं को मोहित किया।
डॉ. कुमार विश्वास ने स्टेज संभालते ही अपनी मशहूर कविता कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है, सुनाकर दर्शकों को गुदगुदाया। जैसे जैसे समय बीतता गया उनके साहित्यिक तरकश से विभिन्न रसों में डूबी कविताओं के बाण निकल कर दर्शकों के दिल को घायल करते रहे। केजरीवाल का नाम लिए बिना जब उन्होंने उसे जिद थी झुकाओ सर, तभी दस्तार बख्शूंगा, मैं अपना सिर बचा लाया, महल और ताज उस पर है, प्रस्तुत की तो दर्शकों ने तालियां बजा कर उनका हौसला बढ़ाया।
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कविताओं के दौर के बीच उन्होंने मुरली मनोहर जोशी, लाल कृष्ण आडवाणी पर भी रचनाएं सुनाईं तो दर्शकों ने तालियां बजाईं। उन्होंने फिराक गोरखपुरी, महादेवी वर्मा को याद किया तो नाथ परंपरा का जिक्र भी श्रद्धा के साथ किया। स्वतंत्रता संग्राम में चौरीचौरा और गोरखपुर के आंदोलनकारियों को भी अपनी रचनाओं के जरिए नमन किया।
देर रात तक चली महफिल में दर्शकों ने जमकर साहित्य लहरियों का लुत्फ उठाया। इस मौके पर सांसद रवि किशन, महापौर सीताराम जायसवाल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी, कालीबाड़ी मंदिर के महंत रविंद्र दास, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मंकेश्वर पांडेय, गंगा दयाल श्रीवास्तव, प्रेम नारायण श्रीवास्तव, प्राचार्य डॉ. एसके श्रीवास्तव, एमजी इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य ओपी सिंह, डॉ. श्याम बिहारी श्रीवास्तव, नीरज अस्थाना, देवेंद्रर चंद्र, नवीन श्रीवास्तव, दीपा वर्मा, अर्चना, पूर्वी नारायण पांडेय, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, जितेंद्र सैनी, मनोज जायसवाल, मनोज बंका, विनय राय सहित अनेक गण्यमान्य मौजूद रहे।
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महात्मा गांधी पीजी कॉलेज में नेशनल एजुकेशन सोसायटी के स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में कुमार विश्वास ने अनुच्छेद 370 की समाप्ति पर कश्मीर का सदियों पुराना इतिहास कविता के जरिए सुनाया तो दिल्ली सरकार और अरविंद केजरीवाल का नाम लिए बिना उन पर व्यंग्य के बाण चलाए। कुमार विश्वास ने गोरखपुर की हस्तियों को याद करते हुए उनकी प्रशंसा में पंक्तियां प्रस्तुत कर श्रोताओं को मोहित किया।
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डॉ. कुमार विश्वास ने स्टेज संभालते ही अपनी मशहूर कविता कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है, सुनाकर दर्शकों को गुदगुदाया। जैसे जैसे समय बीतता गया उनके साहित्यिक तरकश से विभिन्न रसों में डूबी कविताओं के बाण निकल कर दर्शकों के दिल को घायल करते रहे। केजरीवाल का नाम लिए बिना जब उन्होंने उसे जिद थी झुकाओ सर, तभी दस्तार बख्शूंगा, मैं अपना सिर बचा लाया, महल और ताज उस पर है, प्रस्तुत की तो दर्शकों ने तालियां बजा कर उनका हौसला बढ़ाया।
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कविताओं के दौर के बीच उन्होंने मुरली मनोहर जोशी, लाल कृष्ण आडवाणी पर भी रचनाएं सुनाईं तो दर्शकों ने तालियां बजाईं। उन्होंने फिराक गोरखपुरी, महादेवी वर्मा को याद किया तो नाथ परंपरा का जिक्र भी श्रद्धा के साथ किया। स्वतंत्रता संग्राम में चौरीचौरा और गोरखपुर के आंदोलनकारियों को भी अपनी रचनाओं के जरिए नमन किया।
देर रात तक चली महफिल में दर्शकों ने जमकर साहित्य लहरियों का लुत्फ उठाया। इस मौके पर सांसद रवि किशन, महापौर सीताराम जायसवाल, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अंजू चौधरी, कालीबाड़ी मंदिर के महंत रविंद्र दास, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, मंकेश्वर पांडेय, गंगा दयाल श्रीवास्तव, प्रेम नारायण श्रीवास्तव, प्राचार्य डॉ. एसके श्रीवास्तव, एमजी इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य ओपी सिंह, डॉ. श्याम बिहारी श्रीवास्तव, नीरज अस्थाना, देवेंद्रर चंद्र, नवीन श्रीवास्तव, दीपा वर्मा, अर्चना, पूर्वी नारायण पांडेय, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, जितेंद्र सैनी, मनोज जायसवाल, मनोज बंका, विनय राय सहित अनेक गण्यमान्य मौजूद रहे।