{"_id":"5e553a0a8ebc3ef405352b3d","slug":"deen-dayal-upadhyay-gorakhpur-university-exam-2020-start","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोविवि परीक्षा: पहले दिन ही दिन ऑनलाइन मानीटरिंग फेल, कहीं नेटवर्क की समस्या तो कही स्पीड धीमी","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
गोविवि परीक्षा: पहले दिन ही दिन ऑनलाइन मानीटरिंग फेल, कहीं नेटवर्क की समस्या तो कही स्पीड धीमी
Tue, 25 Feb 2020 08:45 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 25 Feb 2020 08:45 PM IST
सार
- 2655 में 39 विद्यार्थियों ने छोड़ी परीक्षा
विज्ञापन
परीक्षा देकर निकलती छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालय में वार्षिक परीक्षाएं मंगलवार को शुरू हो गईं। हालांकि पहले दिन शासन की मंशा के अनुरूप ऑनलाइन मानीटरिंग नहीं हो सकी। नोडल सेंटर से 137 कॉलेजों की कनेक्टविटी नहीं जुड़ पाई। कुल नामांकित 2655 में से 39 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
पहले दिन प्रथम पॉली में बीए, बीएससी भाग एक एवं भाग तीन अर्थशास्त्र तथा दूसरी पॉली में बीएससी भाग दो में इंडस्ट्रीयल केमेस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, इलेक्ट्रानिक्स एवं कंप्यूटर साइंस की परीक्षाएं थी। परीक्षा नियंत्रक डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पहली पॉली में 1135 विद्यार्थियों में 18 तथा दूसरी पॉली में 1520 में 21 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
विज्ञापन
पहले दिन प्रथम पॉली में बीए, बीएससी भाग एक एवं भाग तीन अर्थशास्त्र तथा दूसरी पॉली में बीएससी भाग दो में इंडस्ट्रीयल केमेस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, इलेक्ट्रानिक्स एवं कंप्यूटर साइंस की परीक्षाएं थी। परीक्षा नियंत्रक डॉ अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पहली पॉली में 1135 विद्यार्थियों में 18 तथा दूसरी पॉली में 1520 में 21 विद्यार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
विज्ञापन
एक विद्यार्थी नकल करते पकड़ा गया
परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि पहली पॉली में बीआरडी आश्रम, बरहज देवरिया में एक विद्यार्थी नकल करते पकड़ा गया। केंद्राध्यक्ष ने नकल के आरोप में विद्यार्थी को रस्टीकेट कर दिया।
फोन कर बताते रहे कनेक्टविटी के तरीके
डीवीएनपीजी कॉलेज में ऑनलाइन मानीटरिंग के लिए नोडल केंद्र बनाया गया है। क्षेत्रीय उच्चशिक्षाधिकारी डॉ. अश्विनी ने बताया कि कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे और राउटर तो लगा दिए गए हैं लेकिन नेटवर्क की समस्या बनी रही। केंद्राध्यक्षों को कनेक्टविटी के तरीके भी बताए गए। बहुत कोशिश के बाद 262 में 125 कॉलेजों से ही कनेक्टविटी हो सकी। बहुत सारे ऐसे कॉलेज थे, जिनके यहां इंटरनेट की स्पीड बहुत धीमी थी। वहां एक साथ सभी कैमरे लाइव नहीं हो पाए। एक-एक कैमरे खोलकर देखना पड़ा।
फोन कर बताते रहे कनेक्टविटी के तरीके
डीवीएनपीजी कॉलेज में ऑनलाइन मानीटरिंग के लिए नोडल केंद्र बनाया गया है। क्षेत्रीय उच्चशिक्षाधिकारी डॉ. अश्विनी ने बताया कि कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे और राउटर तो लगा दिए गए हैं लेकिन नेटवर्क की समस्या बनी रही। केंद्राध्यक्षों को कनेक्टविटी के तरीके भी बताए गए। बहुत कोशिश के बाद 262 में 125 कॉलेजों से ही कनेक्टविटी हो सकी। बहुत सारे ऐसे कॉलेज थे, जिनके यहां इंटरनेट की स्पीड बहुत धीमी थी। वहां एक साथ सभी कैमरे लाइव नहीं हो पाए। एक-एक कैमरे खोलकर देखना पड़ा।