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कोरोना वायरस: सेनिटाइजर ही नहीं साबुन से हाथ धोने पर रुकेगा संक्रमण
Fri, 06 Mar 2020 08:50 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 06 Mar 2020 08:50 PM IST
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gorakhpur news
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में ‘कोरोनावायरस: संक्रमण, लक्षण, कारण, बचाव एवं निवारण’ पर सेमिनार आयोजित किया गया। एमएससी के विद्यार्थियों ने पॉवर प्रेजेंटेशन के माध्यम से कोरोना के लक्षण और बचाव के तरीकों को प्रदर्शित किया। वक्ताओं ने कहा कि कुछ व्यक्ति या व्यापार समूहों की ओर से आर्थिक लाभ के लिए सेनिटाइजर को संक्रमण रोकने के लिए अनिवार्य बताया जा रहा है जबकि साबुन व पानी से हाथों को अच्छे से साफ रखकर एवं साफ रुमाल रख कर संक्रमण को रोका जा सकता है।
चर्चा के दौरान निष्कर्ष में आया कि संक्रमण को लेकर अफवाहें ज्यादा हैं। संक्रमण से मृत्यु दर 1.2 प्रतिशत ही है। वह भी उम्रदराज और कम प्रतिरोधक क्षमता के व्यक्तियों में ही यह देख गया है। दिन में कई बार साबुन से 20 सेकेंड तक साफ पानी से हाथ धोने के बारे में सुझाव दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी खास तरह के मास्क लगाने के बारे में परेशान होने की जरूरत नही है। मांसाहारी या शाकाहारी भोजन पूरी तरह से पकने के बाद ही खाएं।
विभागाध्यक्ष प्रो. ओपी पांडेय ने कहा कि कोरोन वायरस 80 देशों में फैल चुका है। हमारे देश में भी लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है। इसे लेकर आम जनता में बहुत सी भ्रांतियां हैं। ऐसे में शहर शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोग और शोध करने वालों की जिम्मेदारी बनती है कि कोरोना वायरस के बारे में लोगों को बताएं और जागरूक करें। इसके लिए यह भी आवश्यक है कि सभी शिक्षक और छात्र कोरोना के सभी आयामों का अध्ययन करें और इसके बाद जनता को बताएं।
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कोरोना का संक्रमण मुख्य रूप से स्नायु तंत्र के माध्यम से होता है। सर्दी, जुकाम, खांसी आदि के दौरान विशेष सावधानियां रखने की जरूरत है। छींकते या खांसते समय खासतौर पर साफ रुमाल से मुंह को ढक कर रखें। एमएससी की शिखा दूबे, सूर्यप्रकाश राय, सौरभ भट्ट, रोशनी रैतानी, आदित्य श्रीवास्तवा, शिखा माथुर, सोहल श्रीवास्तव, दिवाकर पांडेय ने कोरोना वायरस के संक्रमण, लक्षण, बचाव आदि की चर्चा की।
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चर्चा के दौरान निष्कर्ष में आया कि संक्रमण को लेकर अफवाहें ज्यादा हैं। संक्रमण से मृत्यु दर 1.2 प्रतिशत ही है। वह भी उम्रदराज और कम प्रतिरोधक क्षमता के व्यक्तियों में ही यह देख गया है। दिन में कई बार साबुन से 20 सेकेंड तक साफ पानी से हाथ धोने के बारे में सुझाव दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी खास तरह के मास्क लगाने के बारे में परेशान होने की जरूरत नही है। मांसाहारी या शाकाहारी भोजन पूरी तरह से पकने के बाद ही खाएं।
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विभागाध्यक्ष प्रो. ओपी पांडेय ने कहा कि कोरोन वायरस 80 देशों में फैल चुका है। हमारे देश में भी लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है। इसे लेकर आम जनता में बहुत सी भ्रांतियां हैं। ऐसे में शहर शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोग और शोध करने वालों की जिम्मेदारी बनती है कि कोरोना वायरस के बारे में लोगों को बताएं और जागरूक करें। इसके लिए यह भी आवश्यक है कि सभी शिक्षक और छात्र कोरोना के सभी आयामों का अध्ययन करें और इसके बाद जनता को बताएं।
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कोरोना का संक्रमण मुख्य रूप से स्नायु तंत्र के माध्यम से होता है। सर्दी, जुकाम, खांसी आदि के दौरान विशेष सावधानियां रखने की जरूरत है। छींकते या खांसते समय खासतौर पर साफ रुमाल से मुंह को ढक कर रखें। एमएससी की शिखा दूबे, सूर्यप्रकाश राय, सौरभ भट्ट, रोशनी रैतानी, आदित्य श्रीवास्तवा, शिखा माथुर, सोहल श्रीवास्तव, दिवाकर पांडेय ने कोरोना वायरस के संक्रमण, लक्षण, बचाव आदि की चर्चा की।