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CISCE: जिस शहर में हैं छात्र वहां दे सकेंगे परीक्षा, 7 जून से पहले करना होगा आवेदन

Sun, 31 May 2020 08:30 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 31 May 2020 08:30 PM IST
सार

  • सीबीएसई की तर्ज पर सीआईएससीई ने भी दी बोर्ड परीक्षार्थियों को राहत
  • सात जून तक विद्यार्थियों को केंद्र बदलने के लिए करना होगा स्कूल में आवेदन

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CISCE also gave relief to board examinees
सीआईएससीई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने विद्यार्थियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। इसके तहत एक जुलाई से शुरू होने जा रही बोर्ड परीक्षा के लिए विद्यार्थी जिस राज्य, शहर या जिले में मौजूद हैं।
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वहीं पर बोर्ड के संचालित विद्यालय में पेपर दे सकेंगे। इसका आदेश गोरखपुर में बोर्ड से संचालित 16 स्कूलों में पहुंच गया है। जिले में कुल 4000 विद्यार्थी पेपर के लिए पंजीकृत हैं।
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आदेश के मुताबिक इच्छुक विद्यार्थियों को इसके लिए अपने स्कूल के प्रधानाचार्य के पास आवेदन करना होगा। इसके लिए किसी भी प्रकार का शुल्क विद्यार्थियों से नहीं लिया जाएगा। प्रधानाचार्य छात्रों के अनुरोध पत्र को सीआईएससीई के पोर्टल पर अपलोड करेंगे। जिसके बाद विद्यार्थियों को केंद्र बदलने की जानकारी मिल जाएगी।
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जो बच्चे परीक्षा नहीं दे पाएंगे, उनका क्या

लॉकडाउन के बाद से ही कई विद्यार्थी अपने घरों के लिए दूसरे राज्य, जिले या शहर को जा चुके हैं। परीक्षा कार्यक्रम (1-14 जुलाई) जारी होने के बाद से ही अभिभावकों की ओर से लगातार कोरोना संकटकाल को देखते हुए केंद्रों को बदलने की मांग की जा रही थी।

बोर्ड ने विद्यार्थियों को एक और राहत दी है। अगर कोई विद्यार्थी कोरोना वायरस की वजह से एक जुलाई से शुरू हो रहे पेपर में शामिल नहीं हो पा रहा है तो उसे कंपार्टमेंट पेपर के साथ दोबारा मौका दिया जाएगा।

डायरेक्टर आरपीएम एकेडमी अजय शाही ने कहा कि लॉकडाउन में पेपर स्थगित होने की वजह से कई विद्यार्थी दूसरे राज्य, जिला या शहरों में मौजूद अपने घर चले गए हैं। कोराना का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। पेपर के लिए उन्हें वापस उस शहर में ना आना पड़े जहां उन्होंने अपना दाखिला लिया है। इसलिए बोर्ड ने बच्चों को उसी शहर या जिले में पेपर देने की छूट दी है।  
 
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