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ताइक्वांडो एक्सपर्ट की टीम ने छात्राओं को सिखाए आत्मरक्षा के गुर, बढ़ा बेटियों का हौसला
Thu, 23 Jan 2020 11:26 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Thu, 23 Jan 2020 11:26 AM IST
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सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग के विद्यार्थियों का आत्मरक्षा प्रशिक्षण से बढ़ा आत्मविश्वास।
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला के ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ मुहिम के तहत आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन ताइक्वांडो एक्सपर्ट की टीम ने सरस्वती शिशु मंदिर पक्कीबाग के विद्यार्थियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। इस दौरान उन्हें हेयर पिन, पेन, पानी की बोतल, हैंड पर्स, कंघी के जरिए किसी भी प्रहार से बचने और खुद को सुरक्षित करने की बारीकियों से अवगत कराया गया। इस जानकारी से छात्राएं गदगद थीं। उनका आत्मविश्वास चरम पर था। उन्हें यह भरोसा था कि अब घर से निकलते वक्त किसी अराजक तत्व का भय नहीं रहेगा।
ताइक्वांडो प्रशिक्षक लालदेव यादव ने उन्हें शारीरिक और मानसिक आत्मरक्षा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि देर रात को घर से निकलने से बचें। विशेष परिस्थिति में जाना भी पड़े तो अपने साथ दैनिक उपयोग में आने वाले हेयर पिन, पेन, कंघी, पर्स जैसे सामान जरूर रखें। जरूरत पड़ने पर वह इसे अपनी सुरक्षा के प्रमुख हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं। विशाल कुमार ने कहा कि किसी भी प्रहार या बचाव के वक्त तेज आवाज निकालें। इससे कॉफिडेंस बढ़ता है और वार भी तेज होता है। तेज आवाज सुनकर लोगों की भी मदद मिल सकती है।
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ताइक्वांडो प्रशिक्षक लालदेव यादव ने उन्हें शारीरिक और मानसिक आत्मरक्षा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि देर रात को घर से निकलने से बचें। विशेष परिस्थिति में जाना भी पड़े तो अपने साथ दैनिक उपयोग में आने वाले हेयर पिन, पेन, कंघी, पर्स जैसे सामान जरूर रखें। जरूरत पड़ने पर वह इसे अपनी सुरक्षा के प्रमुख हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं। विशाल कुमार ने कहा कि किसी भी प्रहार या बचाव के वक्त तेज आवाज निकालें। इससे कॉफिडेंस बढ़ता है और वार भी तेज होता है। तेज आवाज सुनकर लोगों की भी मदद मिल सकती है।
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प्रतिज्ञा, याना, अंकिता राना और पलक ने पंच, ब्लॉक, नेक चॉप, कोहनी अटैक के बारे में छात्राओं को जानकारी दी। महेश, सोनम, हर्ष मौर्या और ऋतिक गौड़ ने घुटने पर हमला करने का प्रशिक्षण दिया। प्रधानाचार्य धीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आत्मरक्षा का यह प्रशिक्षण छात्राओं के जीवन में बेहद उपयोगी है। वह इससे अपने परिवार और आसपास के अन्य लोगों को भी जोड़ें। तभी इसका व्यापक लाभ मिल पाएगा। आखिर में प्रधानाचार्य और ताइक्वांडो प्रशिक्षकों ने विद्यार्थियों को नारी गरिमा के सम्मान की शपथ दिलाई।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
कार्यक्रम के आयोजन में प्रधानाचार्य, प्रशिक्षक लालदेव यादव के साथ शंभु कुशवाहा, शशिकांत राय, नरेंद्र चंद्र, निर्मल, सदानंद, शिवेंद्र प्रताप मिश्र, सुप्रिया दुबे, भारती सिंह, मुकेश कुमार राय, अमर सिंह, विनय कुमार चतुर्वेदी, मनीष कुमार शर्मा, अर्चना ओझा, विनीत मिश्र, शैल यादव, मीरा श्रीवास्तव, संध्या शर्मा, अमरावती देवी, सुधा त्रिपाठी, वंदना खरे, माया श्रीवास्तव, विजयलक्ष्मी, सरोज मिश्रा, रत्ना, अभिषेक जायसवाल, जितेंद्र सिंह समेत पूरे विद्यालय परिवार की सराहनीय भूमिका रही।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
कार्यक्रम के आयोजन में प्रधानाचार्य, प्रशिक्षक लालदेव यादव के साथ शंभु कुशवाहा, शशिकांत राय, नरेंद्र चंद्र, निर्मल, सदानंद, शिवेंद्र प्रताप मिश्र, सुप्रिया दुबे, भारती सिंह, मुकेश कुमार राय, अमर सिंह, विनय कुमार चतुर्वेदी, मनीष कुमार शर्मा, अर्चना ओझा, विनीत मिश्र, शैल यादव, मीरा श्रीवास्तव, संध्या शर्मा, अमरावती देवी, सुधा त्रिपाठी, वंदना खरे, माया श्रीवास्तव, विजयलक्ष्मी, सरोज मिश्रा, रत्ना, अभिषेक जायसवाल, जितेंद्र सिंह समेत पूरे विद्यालय परिवार की सराहनीय भूमिका रही।