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खुशखबर: अब ऐसे मिलेंगे प्रदेश भर के शिक्षकों के गुणवत्ता वाले ई-कंटेंट, पढ़े पूरी जानकारी
Sun, 03 May 2020 10:07 AM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2020 10:07 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
वार्षिक परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें एक पोर्टल पर प्रदेश भर के शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए ई-कंटेंट और प्रोजेक्ट मिल जाएंगे। यह पोर्टल उच्चशिक्षा विभाग बनाएगा। सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से छह मई तक गुणवत्तायुक्त ई-कंटेंट मांगे गए हैं।
खास बात यह है कि इसमें यह भी ध्यान देना होगा कि कॉपी राइट का उल्लंघन न किया गया हो। साथ ही सूची में सब्जेक्ट, टॉपिक, कोर्स का नाम और वर्ष स्पष्ट होना चाहिए ताकि विद्यार्थी को सर्च करने में आसानी हो। प्रमुख सचिव मोनिका एस गर्ग ने 30 अप्रैल को सभी राज्य एवं निजी विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर पोर्टल तैैयार किए जाने की जानकारी दी है।
साथ ही निर्देश दिए हैं कि ई-कंटेंट की सूची तैयार करते समय उसकी महत्ता, उपयोगिता की परख विभागाध्यक्ष या डीन अवश्य करें। पीडीएफ, ई-कंटेंट, वीडियो, आडियो एवं पावर प्रजेंटेशन आदि दे सकते हैं। उन्होंने साफ कहा है कि सूची तैयार करते समय यह अवश्य देख लें कि बौद्धिक संपदा अधिकार एवं कापीराईट अधिनियम का पालन किया गया हो।
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ई-कंटेंट में यदि किसी विशेष पुस्तक, जर्नल आदि का उल्लेख किया गया हो तो उसका उल्लेख अवश्य होना चाहिए। इस संबंध में गोरखपुर विश्वविद्यालय के ई-पाठशाला के समन्वयक प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि सभी विभागध्यक्षों और डीन को इसकी सूचना देते हुए चार मई तक सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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खास बात यह है कि इसमें यह भी ध्यान देना होगा कि कॉपी राइट का उल्लंघन न किया गया हो। साथ ही सूची में सब्जेक्ट, टॉपिक, कोर्स का नाम और वर्ष स्पष्ट होना चाहिए ताकि विद्यार्थी को सर्च करने में आसानी हो। प्रमुख सचिव मोनिका एस गर्ग ने 30 अप्रैल को सभी राज्य एवं निजी विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर पोर्टल तैैयार किए जाने की जानकारी दी है।
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साथ ही निर्देश दिए हैं कि ई-कंटेंट की सूची तैयार करते समय उसकी महत्ता, उपयोगिता की परख विभागाध्यक्ष या डीन अवश्य करें। पीडीएफ, ई-कंटेंट, वीडियो, आडियो एवं पावर प्रजेंटेशन आदि दे सकते हैं। उन्होंने साफ कहा है कि सूची तैयार करते समय यह अवश्य देख लें कि बौद्धिक संपदा अधिकार एवं कापीराईट अधिनियम का पालन किया गया हो।
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ई-कंटेंट में यदि किसी विशेष पुस्तक, जर्नल आदि का उल्लेख किया गया हो तो उसका उल्लेख अवश्य होना चाहिए। इस संबंध में गोरखपुर विश्वविद्यालय के ई-पाठशाला के समन्वयक प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि सभी विभागध्यक्षों और डीन को इसकी सूचना देते हुए चार मई तक सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है।