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Fact Check: क्या सच में द ग्रेट खली ने नेमप्लेट वाले नियमों का विरोध किया है? पढ़ें वायरल वीडियो की पड़ताल

Mon, 22 Jul 2024 07:47 PM IST
शिवेंद्र फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला
फैक्ट चेक डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र Updated Mon, 22 Jul 2024 07:47 PM IST
सार

Fact Check: नेमप्लेट विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इसे साझा कर दावा किया जा रहा है कि द ग्रेट खली ने नेमप्लेट नियमों का विरोध किया है। अमर उजाला की पड़ताल यह दावा पूरी तरह से भ्रामक निकला।

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The Great Khali really did not oppose the nameplate rules viral video is misleading
FACT CHECK - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

कांवड़ मार्गों पर स्थित दुकानों पर मालिक के 'नेमप्लेट' लगाने के आदेश को लेकर बवाल खड़ा हो गया है। यह आदेश पहले केवल उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के लिए था लेकिन अब इसे राज्यभर में लागू कर दिया गया। इसके बाद ऐसा ही आदेश उत्तराखंड में हरिद्वार प्रशासन और मध्य प्रदेश ने भी जारी कर दिया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया और इसने फिलहाल फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इसे साझा कर दावा किया जा रहा है कि द ग्रेट खली ने नेमप्लेट नियमों का विरोध किया है। 
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क्या है दावा?
सोशल मीडिया एप एक्स पर वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि मशहूर पहलवान द ग्रेट खली एक फल की दुकान पर फल खा रहे हैं। वाजिद खान नाम के एक्स यूजर ने एक्स पर वीडियो साझा किया और लिखा, 'द ग्रेट खली ने मुस्लिम भाइयों से फल खाकर  नेम प्लेट वाले नियमों का विरोध किया !!'
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मिस्टर कूल नाम के एक एक्स यूजर ने भी वीडियो साझा किया और लिखा, 'द ग्रेट खली ने मुसलमानों से फल खाकर  नेम प्लेट वाले नियमों का विरोध करते हुए आम को चूस-चूस कर खाया!' अन्य सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो कुछ ऐसे ही कैप्शन के साथ वायरल हो रहा है।'
 
 
पड़ताल 
इस वीडियो की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले गूगल पर वायरल वीडियो के की-फ्रेम को रिवर्स इमेज सर्च किया। गूगल रिजल्ट में हमें वीडियो से संबंधित एक रील द ग्रेट खली के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर मिली। 11 जुलाई, 2024 को खली ने यह रील साझा की थी। जबकि 11 जुलाई तक नेमप्लेट का विवाद शुरू भी नहीं हुआ था। 



पूरे विवाद की शुरुआत मुजफ्फरनगर से हुई थी तो इस घटनाक्रम की अधिक जानकारी के लिए हमने अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर से संपर्क किया। इस दौरान हमें 17 जुलाई, 2024 को अमर उजाला द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट के अनुसार, कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए मुजफ्फरनगर के एसएसपी ने कांवड़ यात्रा वाले मार्ग पर स्थित ढाबों और होटलों पर प्रोपराइटर व संचालकों के नाम लिखने के आदेश दिए थे। पुलिस ने हाईवे व नगर में आदेशों का पालन कराना शुरू कर दिया।


पड़ताल का नतीजा
पड़ताल से साफ है कि यह दावा कि द ग्रेट खली ने नेमप्लेट नियमों का विरोध किया है, पूरी तरह से भ्रामक है। पहलवान का वायरल वीडियो नेमप्लेट विवाद होने के पहले का है। 
 
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